गोहपारू: पटवारी पर लगे धोखाधड़ी के आरोप ,महिला ने सौंपे थे बटवारा के लिए पटवारी को दस्तावेज , दूसरे के नाम से हो गई रजिस्ट्री और नामांतरण
पटवारी पर लगे धोखाधड़ी के आरोप ,
महिला ने सौंपे थे बटवारा के लिए पटवारी को दस्तावेज , दूसरे के नाम से हो गई रजिस्ट्री और नामांतरण
शहडोल (संजय गर्ग)। दूसरे की भूमि दूसरे के नाम पर रजिस्ट्री करने के मामले इन दोनों राजस्व में बढ़ते जा रहे हैं जिसके कारण अब लोग जमीन क्रय विक्रय करना नामांतरण करना या रजिस्ट्री करने से भय खाने लगे हैं।
जरा सोचिए यदि आपको अपनी जमीन के बटवार या सीमांकन समेत जमीन संबंधित कोई भी कार्य करने के लिए राजस्व पटवारी के पास जाएं और भरोसा कर उसे दस्तावेज सौंप दें और फिर वह उसे भरोसे पर कालिख पोत दे। तो उसे वक्त आपकी मनोदशा क्या होगी।
ठीक इसी प्रकार जिला मुख्यालय से महज 25 किलोमीटर दूर जिले के गोहपारू विकासखंड के ग्राम मोहतरा में सामने आया है।
जहां पर हल्का पटवारी मोहतरा अकबर खान के ऊपर आवेदक के भूमि के दस्तावेज के साथ फिर करते हुए अनावेदक के नाम पर जमीन के रजिस्ट्री कराने का मामला सामने आया है।
ऐसा है पूरा मामला
दरअसल पूरा मामला गोहपारू के ग्राम मोहतरा का है जहां पर हल्का पटवारी अकबर खान को सुमदिय सिंह गोंड पति समय लाल सिंह गोंड निवासी ग्राम मोहतरा ने पुलिस अधीक्षक से मामले की शिकायत करते हुए बताया कि।
प्रार्थी की भूमि जो ग्राम मोहतरा में खसरा क्रमांक 785 / 1/1 रखवा 0.39 2 एवं 961/1 रखवा 0.072 हेक्टर भूमि प्रार्थी के नाम पर थी।
बटवारा कराने पटवारी को दिए थे दस्तावेज
उल्लिखित उक्त भूमि के बंटवारे हेतु पटवारी अकबर खान को प्रार्थी महिला ने भूमि के समस्त दस्तावेज सौंप दिए थे।
महिला ने बताया कि ग्राम मोहतरा में ही गोहपारु से जयपुर रोड पर स्थित पटवारी के ऑफिस में उसने रिकॉर्ड दिए थे। और इस ऑफिस में महिला को हस्ताक्षर करने के लिए पटवारी ने बुलाया था।
महिला का आरोप है कि पटवारी ने उसके राजस्व रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करते हुए उसकी उल्लेखित भूमि को गोहपारू के ग्राम चंन्दौल निवासी शेर सिंह पिता दाद्दा सिंह के नाम पर प्रार्थी महिला की भूमि की रजिस्ट्री 05 मार्च 2025 को करा दी गई।
महिला के पढ़े लिखे ना होने का उठाया फायदा
प्रार्थी महिला सुमदिय सिंह गोंड ने बताया कि वह पढ़ी-लिखी नहीं है उसने बंटवारे करने के लिए अपने दस्तावेज पटवारी को दिए इसके बाद उसकी जमीन खबर में उल्लेखित शेर सिंह के नाम पर चढ़ गई। साथ ही बिना बताए बिना किसी जानकारी दिए उसकी भूमि का नामांतरण की कार्रवाई भी कर दी गई।
महिला ने बताया कि खसरा 961/1/1 रखवा 0.072 हेक्टर भूमि पर उसका रिहासी मकान बना हुआ है जिस पर प्रार्थी महिला का बड़ा बेटा अपने पूरे परिवार के साथ निवास करता है।
नहीं मिली नामांतरण की नकल
पीड़ित महिला ने शिकायत पत्र में उल्लेख किया है कि जब उसने अपने भूमि की नामंतारण की नकल गोहपारू तहसील से प्राप्त करने हेतु आवेदन लगाया तो उसे पर कोई सुनवाई नहीं हुई और आज तक उसे नकल भी प्राप्त नहीं हुई।
लेकिन इस पूरे मामले में बड़ा सवाल यह उठता है कि राजस्व विभाग में इन दिनों जो इस प्रकार की भररेशाही ही चल रही है। उसका जिम्मेदार कौन है।
और देखना यह होगा कि मामला सामने आने के बाद क्या कोई कार्रवाई होती है या नहीं। या फिर इसी प्रकार आदिवासीयों के ऊपर अत्याचार होते रहेंगे।
