शहडोल : जन – मन समीक्षा में लापरवाही , छूट गया अमझोर ग्राम पंचायत , 1 साल से आवास हितग्राहियों के अधूरे पड़े भवन , सचिव के भ्रष्टाचार से ग्रामीण त्रस्त
जन – मन समीक्षा में लापरवाही , छूट गया अमझोर ग्राम पंचायत , 1 साल से आवास हितग्राहियों के अधूरे पड़े भवन , सचिव के भ्रष्टाचार से ग्रामीण त्रस्त
जयसिंहनगर / अमझोर। बीते दिनों 11 सितंबर को कलेक्टर केदार सिंह के द्वारा पीएम जन मन योजना के अंतर्गत आने वाले निर्माणाधीन आंगनवाड़ी भवनों की समीक्षा की गई। जिसमें जन-मन योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण में घोर लापरवाही बरतने के चलते बुढार जनपद के अंतर्गत बहगढ़ ग्राम पंचायत व जनपद गोहपारू अंतर्गत ग्राम पंचायत पलसऊ सचिवों को निलंबित कर दिया । इसके साथ ही जन – मन योजना में लापरवाही बरतने पर 09 सचिव व एक रोजगार सहायक की एक माह का वेतन काटने का आदेश कलेक्टर ने जारी किया ।

लेकिन वहीं दूसरी और जनपद पंचायत जयसिंहनगर अंतर्गत एक वर्ष से इसी जनमन योजना में ग्राम पंचायत अमझोर में आवास पात्र हितग्राहियों को आवास का भवन पूर्णरूपेण निर्मित नहीं मिला है
इतना ही नहीं कथित ग्राम पंचायत में जुगाड़ पद्धति से पदस्थ सचिव केशव प्रसाद मिश्रा जिन्हें हाल ही में स्थानांतरित कर दिया गया है इसके बावजूद कई वर्षों से अमझोर ग्राम पंचायत में वें पदस्थ है और लगातार भ्रष्टाचार करते जा रहे हैं ।
इतना ही नहीं प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत कथित ग्राम पंचायत में पीएम आवास के 12 हितग्राहियों को आवास भवन आज दिनांक तक अधूरे पड़े हैं जिसका कारण सचिव के द्वारा जन मन अवास के मजदूरों की मजदूरी अपने जेब में डाली है।
शिकायत पर नहीं देते जनपद के जिम्मेदार ध्यान
ग्रामीणों ने मामले की शिकायत 05 अगस्त 2025 को जनपद पंचायत जयसिंहनगर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को की थी।
लेकिन जनपद में बैठे जिम्मेदार अधिकारी अपने गैर जिम्मेदाराना रवैया के चलते इस पूरे मामले को ठंडा बस्ते में ले गए। जिसके वजह से ग्राम पंचायत अमझोर में विगत 1 वर्षों से जनमन योजना के अंतर्गत आवास हितग्राहियों ग्राहियों को आवास का भवन पूर्ण रूप से तैयार नहीं मिला।
जनमन आवास की नहीं मिली मजदूरी तो नहीं बना भवन
कथित ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने शिकायत कर बताया कि सचिव केशव प्रसाद मिश्रा के द्वारा जनमन योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवासों का कार्य अधूरा करवाया गया है। जिसका कारण यह है कि उक्त सचिव के द्वारा आवासों में कार्य कर रहे। मजदूरों की मजदूरी का भुगतान अब तक नहीं किया जिसके चलते पत्र हितग्राहियों का आवास भवन आधा अधूरा है।
यह है 12 हितग्राहियों के नाम जिन्हें नहीं मिला जनमन योजना का आवास
सचिव केशव प्रसाद मिश्रा के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया जनमन योजना जिसमें शिकायत पत्र के एक महा बाद भी जनपद में बैठे जिम्मेदारों के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिससे सचिव की भ्रष्टाचार को और भी बल मिला।
कथित ग्राम पंचायत में जनमन योजना के अंतर्गत आवास ग्राहियों के नाम कुछ इस प्रकार हैं।
1. जानकी/ धन्नु बैगा , 2. राजमती /प्रदीप बैगा , 3. सामी कल / दीना बैगा , 4. शिव प्रसाद / अर्जुन बैगा /5. फूलबाई / नानदाऊ बैगा , 6. लल्लू /चमरू बैगा,7. राममिलन श्यामलाल बैगा ,8. श्याम सुंदर / छोटेलाल बैगा , ,9. पप्पू बैगा ,10. चौरसिया / पप्पू बैगा,11. रामकली / राम प्रसाद बैगा ,12. पार्वती/ देवीदीन
यह सभी जिनका पीएम आवास 2024 में स्वीकृत किया गया था जो कि आज दिनांक तक सचिव के भ्रष्टाचार के चलते अधूरा पड़ा है आवास की मजदूरी की राशि रोजगार सहायक व पंचायत सचिव केशव प्रसाद मिश्रा के द्वारा किसी अन्य के खाते में डालकर निकाल ली गई है।
जनपद के कार्यों की रिपोर्ट नहीं पहुंचती जिले तक
जिस प्रकार जनमन समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने लापरवाही बरतने पर निलंबन और वेतन काटने की कार्रवाई की इससे पता चलता है कि जिला प्रशासन जनहित ऐसी योजनाओं को लेकर किसी भी प्रकार की कोताही बरतने को तैयार नहीं है लेकिन जनपद जयसिंहनगर में चल रहे भर्रे शाही का आलम ऐसा है कि जनपद के जिम्मेदार जन समस्याओं योजनाओं का क्रियान्वयन जैसे महत्वपूर्ण विषयों से शायद इनका सरोकार नहीं है तभी तो कथित जनपद के अन्य ग्राम पंचायत में सचिवों पर कार्रवाई हुई।
विश्वत सूत्रों की माने तो केशव प्रसाद मिश्रा जो की वर्षों से अमझोर पंचायत में पदस्थ होकर स्थानांतरण के बावजूद भी वहीं जमे हुए हैं और शासन की जनहित ऐसी योजनाओं में पारित लगाने का कार्य कर रहे हैं इतना ही नहीं वित्तीय अनियमिताओं को कई आरोप सचिव पर हैं इसके बावजूद भी कार्यवाही शून्य दिख रही है।
जो कि आपदा में अवसर वैसे ही भ्रष्टाचार में अवसर खोजने का प्रयास तो कहीं जनपद में बैठे जिम्मेदार नहीं कर रहे हैं। यह हम नहीं कहते ऐसा हमारे सूत्र बताते हैं।
इनका कहना
इस संबंध में जब जनपद सीईओ से बात की गई तो उनका कहना था कि। यह जो मामला आप बता रहे हैं। मुझे इसकी जानकारी नहीं है शिकायत पत्र मेरे व्हाट्सएप में भेज दीजिए मैं लिखवा लेती हूं। और रही बात रिपोर्ट की तो योजनाओं के क्रियावयन की रिपोर्ट जिले तक बराबर जाती है। यदि हितग्राहियों खाते में मजदूरी के पैसे नहीं गए हैं तो हम चेक करवा लेते हैं।
शिवानी जैन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत जयसिंहनगर जिला शहडोल ।
सीईओ के कथन से यह तो स्पष्ट है कि जन शिकायतों में कहीं ना कहीं लापरवाही बरती जा रही है। जबकि जन – मन योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवास भी इसी योजना का एक हिस्सा है तो फिर इसकी जांच क्यों नहीं की गई जबकि शिकायत 05 अगस्त 2025 को हो चुकी और समीक्षा बैठक 11 सितंबर को हुई।
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2 इस संबंध में जब पंचायत सचिव से बात की गई तो। उन्होंने कहा कि हां अभी कई आवास नहीं बने हैं धीरे-धीरे काम चल रहा है।*
केशव प्रसाद मिश्रा (सचिव) ग्राम पंचायत अमझोर जनपद जय सिंह नगर जिला शहडोल

