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शहडोल / ब्यौहारी : गुणवत्ता विहीन कार्य के मूल्यांकन को लेकर , अध्यक्ष पति की सहायक यंत्री से भिड़ंत

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गुणवत्ता विहीन कार्य के मूल्यांकन को लेकर , अध्यक्ष पति की सहायक यंत्री से भिड़ंत पुलिस अधीक्षक को डिप्लोमा इंजीनियरिंग एसोसिएशन ने सौंपा ज्ञापन मुकदमा काम करने की मांग 

शहडोल / ब्यौहारी। सत्ता की कुर्सी और राजनीति जो एक समय पर जनकल्याण और जन सेवा के भाव से की जाती थी आज वह केवल और केवल निज कल्याण का माध्यम बन चुकी है।
आदिवासी अंचल शहडोल के अंतिम छोर में स्थित ब्यौहारी जनपद में जो चल रहा है उसे देखने और सुनने में ऐसा लगता है कि कुर्सी और उसे कुर्सी के पीछे बैठे लोग केवल और केवल अपनी ओछी‌ राजनीति चमकाने और अपने भ्रष्टाचारी कारनामे को छुपाने के लिए अधिकारियों के विरुद्ध षड्यंत्र रच रहे हैं।
दरअसल जनपद पंचायत ब्यौहारी कि महिला अध्यक्ष आकांक्षा सिंह ने 29 सितंबर को थाना प्रभारी को अपने लेटर पैड में लिखित शिकायत कर एसडीओ के द्वारा कार्य का टीएस जारी न करने व एसडीओ पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है।
पर सवाल यह है कि यह जो आरोप एसडीओ के ऊपर लगाए गए हैं इनमें अध्यक्ष पति प्रीतू सिंह की क्या भूमिका है।
जबकि अध्यक्ष तो आकांक्षा सिंह है तो फिर जनपद में अध्यक्ष पति को कौन सा दायित्व सौंपा गया है।
हालांकि दोनों पक्ष के आरोपी की जांच होनी चाहिए।
लेकिन जिस प्रकार जांच से पूर्व ही जनपद में पदस्थ एसडीओ को षड्यंत्र के जाल में फसाया जा रहा है वह कहीं ना कहीं गलत है।

क्या है विवाद का मुख्य कारण

दरअसल जनपद पंचायत ब्यौहारी अध्यक्ष ने अपने लेटर पैड में शिकायत के दौरान जिस कार्य कि तकनीकी स्वीकृति न देने का उल्लेख किया है। जिसमें दलको कोठार के सरपंच द्वारा बताए जाने की बात कही गई।
उसमें नियमों के अनुसार यदि देखा जाए तो यदि किसी ग्राम पंचायत में किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य की आवश्यकता होती है तो नियम कहते हैं कि सरपंच को अपने लेटर पैड में लिखकर तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करवाने की जानकारी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को देनी चाहिए थी। लेकिन ऐसा होता नहीं दिखा।
तो सवाल यह उठता है कि जब तकनीकी स्वीकृति जारी करने का अधिकार अध्यक्ष को तो नहीं है वह तो जनपद के सक्षम जिम्मेदारों को है तो फिर सरपंच ने नियमों के तहत कोई सूचना जनपद अधिकारी को क्यों नहीं दी। और यदि दी है तो वह पत्र कहां है। हालांकि यह सवाल अभी भी इस पूरे मामले में बरकरार है जिसका जवाब भविष्य के गरत में छुपा हुआ है।
वही इस पूरे मामले में मध्य प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियरिंग एसोसिएशन ने जनपद अध्यक्ष पति प्रीतू सिंह के ऊपर एसडीओ पर  हथियार जानलेवा हमला करने एवं सत्ता के दबाव में गलत कार्य कराने का आरोप लगाया है। साथ ही पुलिस अधीक्षक से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अध्यक्ष पति के ऊपर कड़ी कर्यवाही करने की मांग की है।

अध्यक्ष पति की ठेकेदारी बनी शासकीय कर्मचारी के लिए आफत

इस मामले में सत्ता पक्ष से संबंधित जनपद अध्यक्ष के पति प्रीतू सिंह के द्वारा ओदारी में जनपद मद से 5 लाख रुपए की लागत से बनाए गए पुलिया की बात सामने आई जिसमें जनपद एसडीओ से बात करने पर उन्होंने बताया कि यह पुलिया गुणवत्ता विहीन बनी हुई है। मैं निरीक्षण किया पुलिया में काफी अनियमिताएं है जिसका मूल्यांकन नहीं हुआ। 
अपने कराए गए गुणवत्ता विहीन कार्य के मूल्यांकन  न करने की बात को लेकर अध्यक्ष पति के द्वारा 29 तारीख को मेरे चेंबर में आकर गाली गलौज की गई है साथ ही मुझे मारने के लिए जनपद कॉरिडोर में अध्यक्ष पति ने अपनी गाड़ी से डंडा निकालकर मुझे मारने का प्रयास किया। लेकिन जनपद के लोगों के बीच बचाव करने से मैं वहां से अपनी जान बचाकर निकल गया।

सत्ता संरक्षण और पंचायत की ठेकेदारी

अपुष्ट सूत्रों की जानकारी से जन्मे सवाल यह है कि क्या सत्ता पक्ष की जनपद अध्यक्षा के पद का भरपूर इस्तेमाल अध्यक्ष पति प्रीतू सिंह जनपद संबंधित ग्राम पंचायत में ठेकेदारी कर उठा रहा है। गुणवत्ता युक्त और भ्रष्टाचार रहित कार्य कर कर्मचारियों पर गलत कार्य को सही दर्शाने  के लिए क्या शासकीय कर्मचारियों पर अनर्गल दबाव बनाया जा रहा है?????? ।


इनका कहना

1. इस संबंध में जब जनपद अध्यक्ष ब्यौहारी से बात करने के लिए उनके लेटर पैड में दिए हुए। नंबर पर संपर्क किया गया तो । जनपद अध्यक्ष से बात नहीं हुई लेकिन अध्यक्ष पति ने फोन उठाया और कहा कि मैडम दुर्गा जी देखने गई है आएंगे तो मैं बात करता हूं।

जनपद अध्यक्ष बनाम पति प्रीतू सिंह

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2. बीते 29 सितंबर को मेरे केबिन में सत्ता पक्ष की जनपद अध्यक्ष के पति  प्रीतू सिंह मेरे कार्यालय समय पर आए और मुझे गाली गलौज करने लगे । मैंने पूछा और शांत रहने के लिए कहा तो वह नहीं माने फिर मैं अपने चेंबर से बाहर निकाला तो जनपद के कॉरिडोर में अपनी गाड़ी से हथीयार निकाल कर मुझ पर हमला करने का प्रयास किया।
विजय सिंह ( एसडीओ) जनपद ब्यौहारी जिलाशहडोल।

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