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जयसिंहनगर :नेता से यारी और ठेकेदारी….. सूत्र, गोपालपुर में क्यों ठेकेदार से लगाव रख रहे पंचायत के जिम्मेदार ,1 साल पूर्व स्वीकृत हुआ था कार्य , केवल बेस खुदाई तक ही रह गया सीमित , लाखों का बाउंड्री वॉल निर्माण अधर में लटका

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नेता से यारी और ठेकेदारी….. सूत्र

गोपालपुर में क्यों ठेकेदार से लगाव रख रहे पंचायत के जिम्मेदार ,1 साल पूर्व स्वीकृत हुआ था कार्य , केवल बेस खुदाई तक ही रह गया सीमित , लाखों का बाउंड्री वॉल निर्माण अधर में लटका 

शहडोल। खनिज मद से स्वीकृत कार्यों के लिए जारी शासकीय राशि में कार्य पूर्ण करने से पहले ही बिल लगाकर पैसे निकाल दिए गए। सवाल यह है कि यदि 10 लाख के निर्माण कार्य में लगभग ढाई लाख रुपए की राशि का निकासी कर ली गई तो निर्माण स्थल पर उतने का कार्य होता क्यों नहीं दिख रहा। जो कि कहीं ना कहीं निर्माण एजेंसी एवं निर्माण कार्य करा रहे। ठेकेदार की ईमानदारी पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहा है।??????

क्यों 1 साल पूर्व स्वीकृत हुए शाला बाउंड्री वॉल का निर्माण अब तक पूर्ण नहीं हुआ।

और ना ही कार्यस्थल पर कोई सूचना पटल लगाया गया। यह सारे सवाल कहीं ना कहीं निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार की उत्पत्ति की ओर संकेत कर रहे हैं।

दरअसल पूरा मामला ग्राम पंचायत गोपालपुर अंतर्गत ग्राम सारिसताल में दिनांक 26 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना से स्वीकृत प्राथमिक शाला में बाउंड्री वॉल निर्माण का है। जहां पर 1 वर्ष पूर्व स्वीकृत हुए इस निर्माण कार्य को आज दिनांक तक पूर्ण नहीं किया जा सका है। बता दें कि निर्माण कार्य स्थल पर किसी भी प्रकार का कोई सूचना पटल नहीं लगा हुआ है। निर्माण स्थल के निरीक्षण के बाद हमारी टीम ने ग्राम पंचायत में जाकर जानकारी जुटाना का प्रयास किया तो पता चला कि केवल बेस खुदाई का काम अभी दो महा पूर्व ही चालू हुआ है।

 

2 लाख 47 हजार 525 रूपए निकाला

खनिज मद से स्वीकृत 10 लाख रुपए की लागत वाले बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य में 2 लाख 47 हजार 525 रूपए की राशि मटेरियल व्यय के नाम पर निकाली गई है। जिसमें निर्माण स्थल पर सिर्फ ईट और गिट्टी ही दिख रही है जिसका अब तक कोई उपयोग नहीं किया गया। अनुराग सप्लाई एंड सप्लायर नामक फॉर्म का बिल लगाया गया। लेकिन मजे की बात तो यह है कि सीमेंट सरिया का बिल तो लगा है लेकिन निर्माण स्थल पर सामग्री नहीं दिखी। और अब तक कितने मटेरियल व्यय निर्माण स्थल पर नहीं हुआ है। तो सवाल यह है कि जब मटेरियल के नाम पर लाखों रुपए निकाले गए हैं तो उनका उपयोग कार्य में क्यों नहीं हो रहा।

निर्माण स्थल पर नहीं है सूचना पटल

जब हमारी टीम द्वारा निर्माण स्थल का निरीक्षण किया तो पाया कि निर्माण स्थल पर किसी भी प्रकार का कोई भी सूचना पटल नहीं लगाया गया है। जो कि शासन के नियमों के विपरीत है। आखिर क्या कारण है कि साल भर पूर्व स्वीकृत हुआ निर्माणकार्य केवल और केवल बेस खुदाई तक ही सीमित रह गया। जो कि कहीं ना कहीं ग्राम पंचायत निर्माण एजेंसी एवं ठेकेदार दोनों ही संदिग्धता के दायरे में आते हैं।

ऐसा कहते हैं खनिज मद के नियम कायदे

यदि खनिज मद के नियम कायदों की बात की जाए तो निर्माण स्थल पर एक सूचना पटल लगाया जाना चाहिए ।जिसमें निर्माण कार्य का नाम , ठेकेदार का विवरण, ठेका अवधि, और लागत दर जैसी जानकारी प्रदर्शित हो। और साथ ही यह जानकारी विभागीय वेब पोर्टल पर भी प्रदर्शित किया जाना चाहिए था। लेकिन ग्राम सारिसताल में चल रहे बाउंड्री पर निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार से नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।

ठेकेदार से क्यों है पंचायत जिम्मेदारों का लगाव

जन चर्चा और अपुष्ट सूत्रों की माने तो अनुराग नामक ठेकेदार के द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है। जिसका कनेक्शन डूब क्षेत्र के खादी वाले नेता से है। जिसकी वजह से काम डायरेक्टर जिला से स्वीकृत होते हैं। और ग्राम पंचायत में एक कार्य दिए गए समय अवधि के विपरीत भी चलता रहता है। नेताजी से भारी कनेक्शन होने के कारण ग्राम पंचायत के जिम्मेदार भी ठेकेदार से खास लगाव रखते हैं। ऐसा हम नहीं कहते ऐसा हमारे सूत्र बताते हैं।

इनकी प्रतिक्रिया

इस संबंध में जब पंचायत सचिव से बात की गई तो जी अभी काम उतना ही हआ है जितना आप उस दिन देख करके गए थे। सारा काम अनुराग ही देखते हैं।

 नत्थू सिंह ( सचिव) ग्राम पंचायत गोपालपुर जनपद जयसिंहनगर जिला शहडोल

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