शहडोल: 15 वार्डों में 11 वार्डो का परिषद करती है संचालन , क्यों खबर के बाद ही जनता की दिखी परेशानी …….. तानाशाही से त्रस्त पीड़ित कर्मचारी का कहना पहले भी कर चुके हैं मेरे खिलाफ षड्यंत्र , नहीं चली अध्यक्ष पति की मनमानी , तो अब कर दिया पद का दुरुपयोग नगर परिषद के लेटर पैड में शिकायत ,
15 वार्डों में 11 वार्डो का परिषद करती है संचालन , क्यों खबर के बाद ही जनता की दिखी परेशानी …….. तानाशाही से त्रस्त पीड़ित कर्मचारी का कहना पहले भी कर चुके हैं मेरे खिलाफ षड्यंत्र ,
नहीं चली अध्यक्ष पति की मनमानी , तो अब कर दिया पद का दुरुपयोग नगर परिषद के लेटर पैड में शिकायत ,
शहडोल (संजय गर्ग)। पदि्य दायित्वों का दुरुपयोग कर मनमानी करना आज के समय में एक नया फैशन सा बन गया है। ठीक कुछ इसी प्रकार के हालात इन दिनों नगर परिषद बकहो में निर्मित है। जहां पर अध्यक्ष पति के रौब और रुतबे के आगे एक शासकीय कर्मचारी उसके तानाशाही से त्रस्त होकर मानसिक प्रताड़ना का शिकार बनता जा रहा है। ज्ञात होगी बीते दिन कथित नगर परिषद से संबंधित एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। यह संभावना जताई जा रही थी की कथित ऑडियो अध्यक्ष पति का है हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
जैसे ही यह मामला प्रकाश में आया जिसकी जांच नहीं हुई इसके पहले ही । पीड़ित शिकायतकर्ता जितेंद्र दहिया पर लावारिस सूत्रों से यह आरोप लगाए गए कि वह समय पर कार्यालय नहीं आते साथ ही स्ट्रीट लाइट नियंत्रण और निगरानी की कोई स्थाई व्यवस्था उनके द्वारा नहीं की गई जिसके चलते दिन में लाइट बंद नहीं हो पाती। इसके साथ ही यह भी आरोप लगाए गए की नगर परिषद के अंतर्गत संचालित वार्डों में स्ट्रीट लाइट्स की व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं है। जिससे नगर परिषद की जनता परेशान है
इस पूरे प्रकार में बड़ा सवाल है कि । विगत 5 वर्षों से इलेक्ट्रीशियन के पद पर कार्यरत कर्मचारी अपनी सेवाएं नगर परिषद में देता रहा है। तब तक वहां के जनप्रतिनिधियों को दिन में लाइट जलती क्यों नहीं दिखी। ठीक इसी प्रकार नगर परिषद के अंदर 15 वार्ड आते हैं जिसमें से चार वार्डो का संचालन ओरिएंट पेपर मिल अमलाई द्वारा किया जाता है। बाकी के बचें 11 वार्ड जो कि नगर परिषद देख – रेख करती है। इलेक्ट्रीशियन के पद पर करत कर्मचारी ने इस पूरे प्रकरण में अपना पक्ष रखते हुए अपने ऊपर लावारिस सूत्रों से लग रहा है आरोपों का खंडन किया है। साथ ही कथित कर्मचारी का कहना है कि नगर परिषद के लेटर पैड में अध्यक्ष के द्वारा की गई शिकायत में यह स्पष्ट नहीं है कि वह किन वार्डों की चर्चा कर रहे हैं नगर परिषद के अंतर्गत 11 वार्ड आते हैं जिनमें सभी व्यवस्थाएं पूर्ण रूप से दुरुस्त हैं जिसकी जांच अधिकारी चाहे तो जाकर कर सकते हैं यदि कोई खराबी होती है तो मैं स्वयं तुरंत उसे पर सुधार करवाता हूं।
और रही बात दिन में लाइट जलने की तो दिन में मेंटेनेंस का काम कराया जाता है जिसकी मॉनिटरिंग में खुद करता हूं बाद में शाम होने से पूर्व हम एक बार स्ट्रीट लाइटों कि चेकिंग करते हैं जिसके लिए एक बार पूरे फेस इकट्ठा जलाकर देखा जाता है।
इस दौरान किसी ने फोटो खींचकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया जो कि गलत है ऐसा कर्मचारी का कहना है।
मेरे खिलाफ चल रहा है षड्यंत्र
अपने बयान में कहा है कि उनके खिलाफ पूर्व में भी एन एच 47 में मेंटेनेंस कार्य के दौरान फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर मेरी छवि धूमिल की गई थी। मेरे खिलाफ अध्यक्ष पति के द्वारा षड्यंत्र किया जा रहा है।
और वह सिर्फ इसलिए क्योंकि मैंने उन्हें नगर परिषद के स्ट्रीट पोल से उनके निजी ग्राउंड में चल रहे टूर्नामेंट के लिए लाइट नहीं दी।
ई अटेंडेंस में देख सकते हैं हाजिरी
कर्मचारी का कहना है कि समय पर कार्यालय पर उपस्थित न होने और मुख्यालय से बाहर रहने का जो आप मेरे ऊपर लगाया गया है। तो जानकारी के लिए बता दूं कि इस समय सभी शासकीय कार्यालय में यह अटेंडेंस लागू हो गया है सुबह 10:30 के पहले मेरे चेहरे से ई- हाजिरी लगती है और शाम को 6:30 के बाद दोबारा लॉग आउट होता है। ऑनलाइन अटेंडेंस के पूरे रिकॉर्ड मेरे पास मौजूद हैं। ऐसा कर्मचारी का कहना है। और में सराईकांपा में रहता हूं जो कि मेरे मुख्यालय से मात्र 7 किलोमीटर दूर है।
अध्यक्ष पति की वर्चस्व सिद्धि बनी कर्मचारी के कार्य में बाधा
दोनों पक्षों का आरोप प्रत्यारोपों का दौरा इस बात का प्रतीक है कि नगर परिषद में अध्यक्ष पति की वर्चस्व सिद्धि के चक्कर में शासकीय काम में बंधाए उत्पन्न होती प्रतीत हो रही है। जहां पर कर्मचारियों के ऊपर दबाव बनाकर अपना काम निकलवाने का प्रयास किया जा रहा है। और बात ना मानने पर छवि को कर्मचारी कि छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके लिए धारा 503 (आपराधिक धमकी): जब कोई व्यक्ति धमकी देता है कि वह संपत्ति को नुकसान पहुंचाएगा, प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाएगा, या किसी को चोट पहुंचाएगा, जिससे वह डरकर कोई काम करे या न करे.
धारा 504 (जानबूझकर अपमान): किसी को जानबूझकर अपमानित करना, जिससे वह व्यक्ति अपना आपा खो दे और शांति भंग हो।
मामले में जिला लेवल पर हो निष्पक्ष जांच
वही इस पूरे मामले में इलेक्ट्रीशियन के पद पर पदस्थ कर्मचारी के द्वारा जिला प्रशासन से न्याय की मांग करते हुए अपने ऊपर लग रहे आरोपों की जांच की मांग की है।
इनकी प्रतिक्रिया
इस संबंध में जब अध्यक्ष का पक्ष जानने के लिए समय 12:56 दोपहर को 9993305246, से 8817047508 पर फोन किया गया तो उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया।
मौसमी केवट (अध्यक्ष) नगर परिषद बकहो जिला शहडोल
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मेरे ऊपर लग रहा है सभी आरोपों का मैं खंडन करता हूं। मेरी जांच करवा ली जाए मुझे अध्यक्ष पति के द्वारा मानसिक प्रताड़ित किया जा रहा है। और अपने पद का दुरुपयोग कर मेरे खिलाफ षडयंत्र किया जा रहा है।
जितेंद्र दहिया इलेक्ट्रीशियन नगर परिषद बकहो जिला शहडोल




