शहडोल : सोनम वांगचुक का भूख हड़ताल का आठवां दिन देश के भ्रष्ट शिक्षा तंत्र को बदलने के लिए सीजेपी का आंदोलन जारी , पर्चा जारी करने में जान का खतरा …. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
सोनम वांगचुक का भूख हड़ताल का आठवां दिन देश के भ्रष्ट शिक्षा तंत्र को बदलने के लिए सीजेपी का आंदोलन जारी , पर्चा जारी करने में जान का खतरा …. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
शहडोल । देश में अकाउंटेबिलिटी अर्थात जवाबदेही का प्रश्न तेजी से गूंज रहा है।
जिस प्रकार नीट पेपर लीक को लेकर पूरे देश में भ्रष्ट शिक्षा तंत्र की पोल खुली उसने देश के युवाओं को सोशल मीडिया के प्लेटफार्म में क्रांति लाने के लिए मजबूर कर दिया। विरोध इतना जोरों पर था कि रातों-रात कॉकरोच जनता पार्टी सोशल मीडिया पर छा गई और दो ही दिनों में 4 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कॉकरोच जनता पार्टी सीजेपी के सोशल मीडिया अकाउंट्स में देखते ही देखते फॉलोअर्स की भीड़ बढ़ती गई।
देश में लोकतंत्र और नय्यकी व्यवस्था में विश्वास बना रहे इसको लेकर कॉकरोच जनता पार्टी का देश की राजधानी दिल्ली पर जंतर मंतर में आंदोलन लगभग 17 दिनों से जारी है। वहीं लद्दाख के साइंटिस्ट एवं पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक जिन्होंने अपने जीवन काल में न जाने देश के लिए कितने ही पुरस्कार अर्जित किए। उन्हें एंटी नेशनल बताकर जेल में डाल दिया गया। लेकिन जैसे ही नीट पेपर लीक का मुद्दा आगे बढ़ा तो युवाओं की एकता ने मिलकर सोनम वांगचुक को जेल से बाहर निकाल लिया। इसके बाद जंतर मंतर में देश के शिक्षा तंत्र में व्याप्त अनियमिताएं और भ्रष्टाचार को लेकर लाखों हजारों युवाओं ने इस आंदोलन में भाग लिया बता दे कि लगभग 17 दिनों से जारी जंतर मंतर में इस आंदोलन के तहत लगभग देश के विपक्षी दालों के नेताओं ने आंदोलन में भाग लिया है जिसमें टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा और आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह समेत अन्य आजादी के दौरान वाले क्रांतिकारियों ने भी भाग लिया है।
लेकिन बड़ा सवाल यह है कि सोनम वांचू की भूख हड़ताल आखिर किसके लिए है। देश में शिक्षा व्यवस्था में बदलाव लाने के लिए वांचुक ने अपनी जान दाओ पर लगभग लगा दि है। लेकिन मौजूदा सरकार ने मनो जैसे अपने कान में हुई लगा ली हो।
वही इस आंदोलन में युवाओं ने अतरंगी तरीकों से सरकार और सिस्टम के प्रति अपना विरोध जताया। जहां पर शिक्षा व्यवस्था का शव का पुतला बनाकर सभी युवा इर्द-गिर्द बैठकर जोर-जोर से विलाप कर रहे हैं जिसकी कई रीले सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
देश का एसा दुर्भाग्य है कि शिक्षा मंत्री अपनी जवाब देही व नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए लगातार हुए पेपर लीक की घटनाओं को देखते हुए भी इस्तीफा देने को तैयार नहीं है।
*धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर जान का खतरा*
वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की एक वीडियो वायरल हो रही है जिसमें राम मंदिर में चंदा चोरी के मुद्दे को लेकर धीरेंद्र शास्त्री ने अपना बयान सामने लाया है हालांकि काफी लंबे समय से राम मंदिर के चंदा चोरी वाले मुद्दे पर अपना बयान न देने के कारण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार बागेश्वर बाबा ट्रॉल हो रहे थे। उनका यह बयान आपको सोचने में मजबूर कर देगा की इस समय देश का जो हाल है वह कितना खौफनाक हो सकता है जहां सच बोलने पर जानकर खतरा हो सकता है। ऐसी व्यवस्था को आप लोकतंत्र कहेंगे या फिर राजतंत्र ।
दरअसल अपने बयान में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कह रहे हैं कि यदि उन्होंने पर्चा खोलकर यह बता दिया कि राम मंदिर में चोरी किसने की है तो उन्होंने निपटा दिया जाएगा आज नहीं तो कल इससे अच्छा चुप ही रहे वह उन्होंने कहा कि बड़ी मछलियों का पकड़ा जाना अभी बाकी है। हमारे यहां की कानून व्यवस्था मकड़ी के जल के समान है जिसमें बड़ी मछलियां निकल जाती हैं और छोटी फंस जाती हैं।
हालांकि बागेश्वर बाबा का यह बयान हमें सोचने पर या मजबूर करता है कि आखिर ऐसा कौन सा सच है जिसको का देने से जान का खतरा बन जाएगा वह भी धर्म प्रचारकों के ऊपर और वह भी हिंदूवादी सरकार के कार्यकाल में। वहीं दूसरी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने बीते दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस पर कांग्रेस कि राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉली शर्मा ने एसआईटी की जांच रिपोर्ट मीडिया से साझा करने के लिए सरकार से मांग की है।
