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शहडोल : तलाब घोटाला भाग -4 ……. तिकड़ी की जोड़ी भ्रष्टाचार का इक्का , लघु तालाब में किस किसको बंटा हिस्सा ,…… दस्तावेज उपलब्ध करवाइए : जि.प . सीईओ शिवम्  मीना पति ओम प्रकाश…..?? कागजों में तलाब क्या होगी कार्यवाही

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तलाब घोटाला भाग -4
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तिकड़ी की जोड़ी भ्रष्टाचार का इक्का , लघु तालाब में किस किसको बंटा हिस्सा ,…… दस्तावेज उपलब्ध करवाइए : जि.प . सीईओ शिवम् 

मीना पति ओम प्रकाश…..?? कागजों में तलाब क्या होगी कार्यवाही

जयसिंहनगर / शहडोल । अंधों में एक काना राजा के तर्ज पर जिले के पंचायती राज विभाग का परिचालन जिला पंचायत से होता है।

सूत्रों की माने तो इस विभाग में किसी भी कार्य को करने के लिए इतनी तेजी से रिश्वत खाई जाती है जैसे की लकड़ी में दीमक यदि शहडोल जिले के जिला पंचायत और उसके अंतर्गत आने वाले समस्त जनपदों की विधवत जांच कराई जाए तो भ्रष्टाचार के इतने कारनामे  उजागर होंगे कि जिले के जिला पंचायत शहडोल में बैठे अधिकारियों से लेकर जनपद और पंचायत के हुक्मरानों तक सभी की ईमानदारी के परक्छे से उड़ जाएंगे। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि जिस प्रकार शासन के महत्वाकांक्षी योजनाओं पर ग्राम पंचायत में सरगना बनाकर लूट की जाती है जिसमें लूट का बराबर का हिस्सा होता है।
जो सभी में मिल बांट कर खाया जाता है।

यह सवाल इसलिए भी जायज हो जाता है कि जब लगातार भ्रष्टाचार का मामला उजागर होता है लेकिन जिले से लेकर जनपद तक सन्नाटे की लहर पसर जाती है।
जिसे देख ऐसा लगता है कि या तो लोग हिम्मत नहीं कर पाते हैं गलत को गलत कहने की या फिर सब जानते हुए भी मूक बधिर बन जाते हैं।

हालांकि यहां पर मामला थोड़ा अलग है क्योंकि मामला वर्तमान जिला पंचायत सीईओ के या वर्तमान जनपद सीईओ के पूर्व का है।
जहां पर एक शासकीय कर्मचारी ने बड़े ही कुत्रचित तरीके से षड्यंत्र रच कर अपने ही कार्यकाल के दौरान ग्राम पंचायत बलौड़ी पश्चिम में भ्रष्टाचार का एक ऐसा खेल खेला जिसमें सरगना बनाकर शासन के खजाने पर लूटमार कर दी।
जी हां आपने ठीक सोच हम उसी भ्रष्टाचारी ओमप्रकाश की बात कर रहे हैं जिसने अपने ही शासकीय सेवा के दौरान अपने ही पंचायत में पदस्थ रहते हुए अपनी ही पत्नी के नाम से लाखों रुपए का लघु तालाब स्वीकृत कर लिया।

वही यह पूरा घटनाक्रम वर्ष 2024 25 का है।जिस पर भ्रष्टाचार करके समय की माटी के तले मामले को दबा दिया गया। लेकिन वही यह पूरा मामला सिर्फ भ्रष्टाचार ही नहीं बल्कि पंचायत में सरगना बनाकर लूटमार करने एवं लूटमार में शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने का भी है।

  • इन दस्तावेजों की जांच खुलेगा राज
    वहीं इस पूरे मामले में अगर
  •  तालाब की स्वीकृति आदेश की प्रति
  • स्वीकृत राशि
    प्रशासकीय/तकनीकी स्वीकृति
  • मस्टर रोल
  • भुगतान/एफटीओ विवरण
  • कार्य पूर्णता प्रमाणपत्र
  • जियो-टैग/जियो-टैग फोटो
  • पंचायत की बैठक का प्रस्ताव
  • मीना द्विवेदी की पात्रता संबंधी दस्तावेज एवम् 
  • उस समय ओम प्रकाश द्विवेदी की पदस्थापना और उनके अधिकार
    पूर्व में हुई जांच की जांच रिपोर्ट और निष्कर्ष जैसे समस्त दस्तावेजों की यदि बारीकी से उच्च स्तरीय जांच की जाए तो स्वत : ही पूरा मामला सामने आ जाएगा।

भ्रष्टाचार के इक्के में इनका हिस्सा , बन सकता है इन धाराओं के तहत आफत

वही इस पूरे मामले में जिस प्रकार ग्राम पंचायत बलौड़ी पश्चिम के सचिव तथा रोजगार सहायक एवं तकनीकी स्वीकृति दिलाने वाले भ्रष्टाचार की मणि प्राप्त करने वाले हीरामणि इन तिकड़ी की जोड़ी ने बड़े ही चालाकी से पूरे मामले को अंजाम तक पहुंचाएं और शासकीय राशि की लूट में बराबर का हिस्सा पाया ऐसा हमारे सूत्र बताते हैं तो ऐसे में इन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(a)/(b) और 13(2)
धारा 13 सार्वजनिक सेवक द्वारा आपराधिक कदाचार (  से संबंधित है। खासकर यदि सरकारी धन/संपत्ति का बेईमानी या धोखाधड़ी से अपने या किसी अन्य व्यक्ति के लाभ के लिए दुरुपयोग हुआ हो, तो यह धारा महत्वपूर्ण हो सकती है।
जो इन्हे जेल का रास्ता  दिखाएंगी।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस पूरे मामले में वर्तमान जिला पंचायत सीईओ क्या रुख अपनाते हैं और इन पर कार्यवाही करते हैं यह देखने वाली बात होगी।

इनका कहना

वही इस पूरे मामले में जब जिला पंचायत सीईओ को अवगत कराया गया तो उनका कहना था कि आप  मामले से संबंधित समस्त दस्तावेज हमें उपलब्ध करवा दीजिए मैं पूरे मामले को वेरीफाई करवाता हूं।

शिवम प्रजापति ( मुख्य कार्यपालन अधिकारी)  जिला पंचायत शहडोल।

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