शहडोल (संजय गर्ग) । एसएन शुक्ला विश्वविद्यालय के कौशल विकास विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।
जैविक कृषि के महत्व को समझाया
डॉ अल्पना शर्मा ने जैविक कृषि की विधियां और मल्चिंग विषय पर अपना वक्तव्य दिया जिसमें उन्होंने बताया कि आज के भोजन का पोषण मूल्य 40% कम हो चुका है जिसके कारण हमारी आयु और स्वास्थ्य दोनों पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
जैविक कृषि बिना रासायनिक खाद और खरपतवार नाशक के की जाने वाली कृषि है, जिसमें मृदा के उपचार में समय लगता है, किंतु यह आयुर्वेदिक पद्धति की तरह मिट्टी तथा खाद्य पदार्थ दोनों का पूर्णता उपचार करता है। उन्होंने गोबर खाद निर्माण की वैज्ञानिक विधि, संतुलित स्वास्थ्य ,पोषण मूल्य, जैव विविधता ,कम पूंजी में अधिक उत्पादन ,फसल चक्र, मल्चिंग ,टपक सिंचाई इत्यादि पर विस्तृत चर्चा की।
मौसम संबंधित एप्स की दी जानकारी
डॉ गुरुप्रीत सिंह ने ग्रामीण कृषि मौसम सेवा और मौसम संबंधी एप्स की जानकारी दी ।
क्योंकि भारत में कृषि मानसून का जुआ है। जिला कृषि मौसम इकाई किसानों को हर सप्ताह मंगलवार और शुक्रवार को मौसम की जानकारी प्रसारित करता है ।
उन्होंने भारत सरकार के तीन मौसम संबंधी मुफ्त एप्स की जानकारी दी- मेघदूत दामिनी और मौसम। यह प्ले स्टोर से मुफ्त में डाउनलोड किए जा सकता हैं।
दामिनी ऐप में बिजली गिरने की चेतावनी 40 मिनट पूर्व ही मिल जाती है, जिससे जनधन की हानि रोकी जा सकती है।
कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति
उपरोक्त कार्यक्रम का आयोजन डॉ ममता प्रजापति कौशल विकास प्रभारी ने किया । राम विकास जायसवाल ने अपने वक्तव्य में तीनों दिन की गतिविधियों की समीक्षा की। डॉ प्रिया सिंह ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया। कार्यक्रम में प्रो प्रवीण शर्मा, प्रो अमित निगम , प्रो महेंद्र भटनागर, प्रो संगीता मसी, डॉ उमा सिंह , डॉ अजय सोनवानी , डॉ हेमंत पाठक, आरके चतुर्वेदी , डॉ गीता मिश्रा ,रूपल मिश्रा ,लक्ष्मी सिंह एवं विश्वविद्यालय के लगभग 300 विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए कौशल विकास प्रभारी डॉ ममता प्रजापति ने सभी सहभागियों सहयोगियों को धन्यवाद प्रेषित किया।
