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शहडोल : एमपी आयुष न्यूज़ की खबर का असर भूमाफिया पर ,साहब पत्रकार हमें नहीं करने दे रहे अवैध प्लाटिंग,खबर प्रकाशन से धूमिल होती भूमफिया की छवि , साहब इन पत्रकारो पर करिए कार्यवाही: अमरदीप मिश्रा

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एमपी आयुष न्यूज़ खबर का असर भूमाफिया पर

साहब पत्रकार हमें नहीं करने दे रहे अवैध प्लाटिंग,

खबर प्रकाशन से धूमिल होती भूमफिया की छवि 

साहब इन पत्रकारो पर करिए कार्यवाही: अमरदीप मिश्रा

शहडोल (संजय गर्ग) । साहब मैं अमरदीप मिश्रा समाजिक कार्यकर्ता हूँ जिले के कई मंदिरों में समाजिक संगठन विराट अमर सेना का संचालन करते हुए सुन्दरकांड एवं भंडारे का काम लगातार कराता रहा हूँ। पर दिनांक 18 अप्रैल को मेरे खिलाफ सुरेन्द्र तिवारी द्वारा पत्रकारों के साथ मिलकर मुझे बदनाम करने व मेरी समाजिक प्रतिष्ठा गिराने के उद्देश्य से गलत तथ्य व गलत जानकारी के आधार पर दैनिक समाचार पत्र अक्षर सम्राट, कीर्तिकांति ,विन्धसत्ता में प्रकाशन किया गया है, जो पूर्णतः गलत है।जिस जमीन के सम्बन्ध में मेरे खिलाफ पेपर में प्रकाशन कराया गया है । उस जमीन से मेरा कोई लेना देना नहीं है। ना ही उक्त जमीन का विक्रय मेरे द्वारा किया गया है। उक्त जमीन के सम्बन्ध में प्रमोद तिवारी एवं सुरेन्द्र तिवारी का विवाद है। प्रमोद तिवारी से मेरी जान पहचान है। व मेरे पास मदद के उद्देश्य से आया था जिस पर मैने सुरेन्द्र तिवारी को समझाइस दी थी कि आपस में भाई-भाई क्यों विवाद कर रहे हो जमीन में जितना हिस्सा है। अपने अपने हिस्से में उपयोग करो तब सुरेन्द्र मुझसे नाराज होकर बोला कि तुम बहुत नेता गिरी मत करो मेरे भाई प्रमोद की मदद मत करो वरना तुमको मैं देख लूंगा तुम बड़े ब्राम्हण समाज के ठेकेदार बनते हो। ऐसा बदनाम करूंगा कि तुम मुंह दिखाने लायक नही रहोगे यह कि, बाद मे पता चला कि मेरे खिलाफ सुरेन्द्र तिवारी कुछ पत्रकारों से मिलकर मेरी प्रतिष्ठा गिराने के लिये दैनिक पेपर में एवं सोसल मीडिया में गलत प्रकाशन कराया गया जिससे मेरी प्रतिष्ठा व समाजिक मान सम्मान में ठेस पहुंची है। कई लोगों ने मेरे फोन पर कहा कि तुम्हारे खिलाफ पेपर में अपमान जनक मैटर निकला है। हम तुम्हें अच्छा आदमी समझते थे इस तरह समाचार पेपर में प्रकाशित हो रहा है। मेरी बदनामी हो रही है। सुरेन्द्र तिवारी एवं पत्रकारों द्वारा मुझे लगातार धमकी दी जा रही है।
कि हम तुम्हें बरबाद कर देंगे। नहीं तो तुम हमारे पास आकर मिलो मामले को रफा-दफा करवा देंगे। 

अब मेरी भी सुनो पुलिस कप्तान: 
ज्ञात हो कि मामला पैतृक संपत्ति में हो रहा है अवैध प्लाटिंग का है।
आवेदक सुरेन्द्र तिवारी आत्मज विन्दुराम तिवारी निवासी वार्ड नं.-4, रामजानकी मंदिर के सामने, तहसील सोहागपुर, जिला शहडोल,का निवासी हैं आवेदक की पैतृक सम्पत्ति स्थित वार्ड नं. 17, खसरा नं. 298/2/1 299/2, प.ह.नं. 77. बाणगंगा मेला मैदान के पीछे, सोहागपुर, म.प्र. में स्थित है। उक्त अनावेदकों के द्वारा उक्त भूमि का खसरा नं. भूमि का पंजीयन कराकर खसरा नं. 300. में पजेशन दी जा रही है। उपरोक्त भूमि खसरा नं. 298/2/1 299/2, प.ह.नं. 77. जो कि विगत 5-6 वर्षो से विवाद में है। जिसका प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। उक्त संबंध में आवेदक द्वारा उक्त भूमि विकय के संबंध में आवेदक सुरेंद्र तिवारी द्वारा कलेक्टर, कमिश्नर,आई.जी, एवं अन्य शासकीय कार्यालयों में आवेदन दिये हैं परंतु कही से कोई कार्यवाही नही की गयी है। इसलिए भूमाफिया अमरदीप मिश्रा,प्रमोद तिवारी जो कि आवेदक का भाई है और वह नशे का आदि ‘है इसके कारण आये दिन लडाई झगडे होते रहते है, उक्त विभागों में दिये गये आवेदनों पर कार्यवाही नही होने के कारण भूमाफियाओं के जज्बे और मजबूत हो गये है। सुरेंद्र तिवारी ने बताया कि 14/23 कार्यालय यह कि अमरदीप मिश्रा द्वारा पूर्व में भी मप्र शासन मोहिडौल बड़ी भीट तलाब की शासकीय भूमि पर मंदिर बनाकर, भूमि पर कब्जा कर चुका राजस्व परिवहन है एवं मंदिर की आड़ में भूमि को विक्रय कर रहा है इस संबंध में पूर्व में हरेकृष्णा द्विवेदी पिता राकेश द्विवेदी द्वारा सूचना दी गयी थी। जिसके बाद अमरदीप मिश्रा द्वारा पुलिस को अपने प्रभाव में लेकर झूठे प्रकरण में 18 दिन के लिए जेल भेज दिया गया था। जिसके डर से उक्त व्यक्ति पर कोई कार्यवाही नहीं करता।
आवेदक का कहना है कि भविष्य में मुझपर या मेरे परिवार पर उक्त लोगो के द्वारा कोई अप्रिय घटना घटित कराई जा सकती है अगर मुझे या मेरे परिवार के किसी भी सदस्य के साथ कोई अन्होनी अप्रिय घटना होती है तो उसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन एवं अमरदीप मिश्रा की होगी ।
आवेदक सुरेंद्र तिवारी का कहना है कि उक्त विषय को संज्ञान में लेकर उक्त वर्णित भूमाफियाओं के विरूद्ध उचित कार्यवाही के आदेश जारी करने की कृपा करें एवं इनके द्वारा विक्रय की गयी शासकीय भूमि एवं कब्जाई भूमि के संबंध में उचित जांच के आदेश जारी करें। तो भू माफियाओं की असलियत सामने आ जाएगी।

साहब इधर भी दीजिए ध्यान
जब संबंधित प्रकरण को लेकर पीड़ित सुरेंद्र तिवारी पत्रकारों के पास जाता है जिस पर पत्रकारों द्वारा पीड़ित के दिए हुए आवेदन पत्र के आधार पर लगातार अपने समाचार पत्रों में वह इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में खबर प्रकाशित की जाती है तो खबर से भू माफिया अमरदीप मिश्रा जो कि अपने आप को सामाजिक कार्यकर्ता बताता है। वह तिलमिला उठता है और छाती नियंत्रण के चक्कर में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पहुंचकर फर्जी एवं झूठी शिकायत करता है।
भू माफिया वर्णित शिकायत में उल्लेख करता है कि वह विराट अमर सेना नामक संगठन का संचालन करता है और समय-समय पर मंदिरों में भंडारे एवं धार्मिक अनुष्ठान करवाता है। यदि ऐसा है तो भूमाफिया अमरदीप मिश्रा को ऐसी क्या जरूरत आन पड़ी कि उसे पीड़ित सुरेंद्र तिवारी की खसरा नंबर 300 के प्लाट में विराट अमर सेना का बोर्ड लगाना पड़ा।
यदि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच टीम गठित कर जांच कराई जाए तो यह साबित हो जाएगा कि भूमाफिया का तथाकथित जमीन से नाता है या नहीं।
फिलहाल भूमाफिया केस फर्जी शिकायत से एक कहावत याद आती है।
की जब बोया पेड़ बबूल का तो आम कहां से पाए।
बाहर हाल हमारा काम सच को उजागर करना है जो हम लगातार करते रहेंगे।
लोकतंत्र की आवाज को कोई भी फर्जी शिकायत कर रोक नहीं सकता

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