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शहडोल : शिक्षक है या है भूमाफिया देखिए कैसे आत्मानंद शुक्ला निभा रहा डबल रोल ,कब्जा भी करेंगे – करेंगे भ्रष्टाचार दम हो तो रोक लो यार 

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शिक्षक है या है भूमाफिया देखिए कैसे आत्मानंद शुक्ला निभा रहा डबल रोल 

 कब्जा भी करेंगे – करेंगे भ्रष्टाचार दम हो तो रोक लो यार 

शहडोल (संजय गर्ग) । अपने कारनामों से चर्चा का विषय बने हुए यह कहानी है। आत्मानंद शुक्ला की यूं तो शुक्ला एक शासकीय शिक्षक एवं पूर्व में यह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मजगामा में प्राचार्य के पद पर भी काम कर चुके हैं।

आज हम इनके प्राचार्य पद पर पदस्थ होते हुए उनके द्वारा एसएमडीसी से संबंधित लाखों के घोटाले एवं व्यापक पैमाने में भ्रष्टाचार के कई मामले आपके समक्ष रखेंगे। 

 कुछ इस प्रकार अपने कार्यकाल में मचाया भ्रष्टाचार

शिक्षक आत्मानंद शुक्ला के द्वारा प्राचार्य पद पर उत्तर माध्यमिक विद्यालय मजगामा में पदस्थ होते हुए व्यापक पैमाने में भ्रष्टाचार में मचाया है।

सूत्रों की माने तो अतिथि शिक्षक घोटाले में भी इनका बड़ा हाथ रहा है अपने रहते हुए इन्होंने अतिथि शिक्षक को ज्वाइन नहीं करवाया

तथाकथित शिक्षक द्वारा नील कमल बुक स्टोर में फर्जी बिल लगाकर एसएनडीसी से लगभग लाखों रुपए की आमदनी का घोटाला किया है।

जिसके साथ हम आपके समक्ष अगले अंक में प्रदर्शित कर खुलासा करेंगे

अन्ना जाने ऐसे कई अनियमितताएं इनके प्राचार्य कार्यकाल में पाई गई।

फिर चाहे वह सरकारी राशन मिड-डे-मील हो जिसको शिक्षक साहब घर में खाना पसंद करते हैं।

इतना ही नहीं तथाकथित शिक्षक आत्मानंद शुक्ला के द्वारा एक ही दुकान नील कमल बुक स्टोर से लगभग 25 साल से फर्जी बिल लगाकर न जाने कितने लाख का घोटाला किया है।

यहां तक कि शासकीय स्कूलों की बुक और सामान भी तथाकथित शिक्षक द्वारा बेच दी गई।

और फिर जब इन सब से साहब का मन नहीं भरा और शिक्षक साहब प्राचार्य के पद से हटकर उसी विद्यालय में वरिष्ठ अध्यापक के रूप में कार्य कर रहे हैं।

पद ना होने की वजह से साहब भ्रष्टाचार नहीं माचा पा रहे हैं।

इसलिए अब आत्मानंद शुक्ला की रूचि जमीनों पर अवैध कब्जा करने की बनी है।

 पूरी दबंगई से चल रहा अवैध कब्जा का कार्य

 एक सरकारी शिक्षक अपने कर्तव्य को भूल कर एक नई दिशा चुनकर भूमाफिया बनकर कर रहा अवैध प्लाटिंग और यह सब स्थानीय प्रशासन के नाक के नीचे ही हो रहा है, पर कार्यवाही नहीं हो रही जिसके चलते शिक्षक बना भूमाफिया का और भी मनोबल बढ़ता जा रहा है आज तो अपने गुर्गों के साथ मिलकर एक जगह ही अवैध प्लाटिंग कर रहा है अगर समय रहते ही कार्यवाही नहीं हुआ तो और भी जगह यह अपना पैर पसार सकता है,

 यह है पूरा मामला 

सोहागपुर के बाढ़ गंगा मेला मैदान के पीछे वार्ड नंबर 17आवेदक के हिस्से की आराजी खसरा नं0 300 आत्माराम शुक्ला पिता बलराम प्रसाद शुक्ला निवासी वार्ड नं० 2/3 सोहागपुर के द्वारा गुण्डागर्दी के बल पर आवेदक सुरेंद्र तिवारी के बड़े भाई प्रमोद तिवारी एवं छोटा भाई राज कुमार तिवारी व दीपक तिवारी एवं उमेश पाण्डेय, आदि लोग पर अवैध रूप से कब्जा किये जाने एवं मना करने पर गाली गलौज करने व जान से मारने की धमकी देने को लेकर शिकायत करते हुए बताया कि मैं सुरेन्द्र कुमार तिवारी पिता बिन्दु राम तिवारी निवासी वार्ड नं०. 4 रामजानकी मंदिर के पास सोहागपुर, थाना सोहागपुर जिला शहडोल म0प्र0 में निवासरत हु, पिता के नाम मौजा ग्राम सोहागपुर तहसील सोहागपुर जिला शहडोल म०प्र० स्थित आराजी खसरा नं0-298/2/1, 299/2, एव आराजी खसरा नं0 300 है। जिस पर मुझ प्रार्थी के पिता के द्वारा मुझे आराजी खसरा नं0 300 का पावर ऑफ एटानी (मुख्तयार आम) निष्पादित कराकर उक्त आराजी की देख रेख कय विक्रय एवं न्यायालीन कार्यवाही करने हेतु अधिकृत किया गया है। पर बड़े भाई प्रमोद कुमार तिवारी पिता बिन्दुराम तिवारी द्वारा आराजी खसरा नं० 298/2/1 एवं 299/2 का फर्जी तरीके से पट्टा बनवाकर उक्त आराजी खसरा नंबर को अवैध रूप से भूमि विक्रय का रजिस्टर्ड विक्रय पत्र का पंजीयन कराया गया और मुझ प्रार्थी के आराजी खसरा नं0 300 में कब्जा सौप कर अवैध रूप से निर्माण कार्य कराया जा रहा है।

 शिक्षक दे रहा जान से मारने की धमकी

आवेदक सुरेंद्र तिवारी ने बताया कि सरकारी शिक्षक आत्माराम शुक्ला द्वारा गुंडागर्दी के बल पर आवेदक के बड़े भाई प्रमोद तिवारी एवं छोटा भाई राजकुमार तिवारी व दीपक तिवारी एवं उमेश पांडे द्वारा खड़े होकर आवेदक के खसरा 300 पर बाउंड्री वाल बनाकर कब्जा किया जा रहा है मना करने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है और शिक्षक द्वारा कहा जा रहा है कि जाओ जहां जाना हो वहां शिकायत कर दो मैं भी एक सरकारी शिक्षक हूं।

 आदेशों की उड़ रही धज्जियां पर प्रशासन बना मूकदर्शक 

ज्ञात हो कि कलेक्टर के निर्देशन पर अनुविभागीय अधिकारी सोहागपुर प्रगति वर्मा द्वारा उपरोक्त तीनों आराजी पर क्रय विक्रय हुआ निर्माण कार्य करने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया गया है इसके बावजूद भी प्रशासन को ठेंगा दिखा कर एक सरकारी शिक्षक होते हुए अवैध रूप से निर्माण कार्य कराया जा रहा है जबकि खसरा नंबर 300 न्यायालय शहडोल सिविल कोर्ट में मामला विचाराधीन है क्योंकि उक्त आराजी विवादित होने से 9 अक्टूबर 2018 में न्यायालय शहडोल द्वारा स्थगन आदेश स्थाई रूप से पारित किया गया है इसके बावजूद भी आवेदक के भाई प्रमोद तिवारी व राजकुमार तिवारी दोनों व्यक्ति मिलकर कुछ भूमाफिया के साथ सांठगांठ करते हुए अवैध रूप से भूमि का अनुबंध कर आवेदक के खसरा नंबर 300 पर अवैध रूप से कब्जा किया जाकर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। अब देखना यह है कि क्या मैडम सरकारी शिक्षक आत्माराम शुक्ला एवं शिक्षक उमेश पांडे पर क्या वैधानिक कार्यवाही करती हैं।

पर सवाल यह उठता है कि लगातार शिक्षक आत्माराम शुक्ला के भ्रष्टाचार की कहानी लगातार समाचार पत्र में उजागर किया जा रहा है पर स्थानीय प्रशासन के नजरों से अभी तक आखिर क्यों दूर है..? सवालों के घेरे में स्थानीय प्रशासन.।

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