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शहडोल : नहीं थम रही (डीई ओ) की मनमानी  , लगातार लग रहे आरोप फिर भी नहीं हो रही कोई कार्यवाही

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नहीं थम रही (डीई ओ) की मनमानी ,

लगातार लग रहे आरोप फिर भी नहीं हो रही कोई कार्यवाही

शहडोल  (संजय गर्ग) ।  मामला जिले के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय कहां है जो कि आए दिन अपने नए – नए कारनामों के लिए अखबारों की सुर्खियों में बना रहता है।

जब से डीईओ का पदभार फूल सिंह मारपाची ने संभाला है तब से लेकर आज दिनांक तक आए दिन कहीं ना कहीं किसी न किसी अखबारों की हैडलाइन में डीईओ साहब सुर्खियां बटोर रहे।

साहब ने पूरे कार्यालय की काया पलट कर ही रख दी।

अब आप सोच रहे होंगे की काया पलट किस प्रकार।

तो ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में इतने कार्य नहीं होते जितने की घोटाले होते हैं।

और यह सब साहब के ही कार्यकाल में ज्यादा उभर के सामने आया है।

फिर चाहे वह घोटाला 4 करोड़ 60 लाख की खरीदी का हो या फिर प्राचार्य के संलग्निकारण कहां हो।

या फिर अपने मनचाहे व्यक्ति को कार्यभार सौंपने हेतु या यूं कहें नए घोटालों को आयाम देने हेतु स्वत के कार्यालय में पदस्थ कर्मचारियों के कार्यभार को अपने हिसाब से बांटने का हो।

(डी ई ओ) साहब ने अपने डेढ़ साल के कार्यकाल में विभाग की उन्नति का कार्य किया हो या ना किया हो लेकिन एक बात तो साफ है कि उन्होंने अपनी उन्नति का कार्य बखूबी निभाया है।

साहब के कुछ तथाकथित चहेते कर्मचारियों ने भी साहब की उन्नति के साथ अपनी उन्नति का रास्ता भी निकाल लिया है।

पर घोटालों व भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरने के बावजूद भी फूल सिंह मारपाची व उनके चहेते कर्मचारियों पर आज दिनांक तक कोई कार्यवाही प्रशासन की तरफ से नहीं की जा रही है।

जो अपने आप में एक विचारणीय विषय है।???? । 

कुर्सी के मोह में खोए फूल सिंह मारपाची शायद घोटालो के एवज में कुर्सी के उचित दायित्व को भूल चुके हैं।

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