S.K. Paswan
ब्रेकिंग न्यूज़
अनूपपुर: पिरामल फाउंडेशन के साथ भविष्य की तकनीक से रूबरू होंगे विद्यार्थी, ए.आई. समर कैंप शुरू शहडोल:शिक्षक संघ की, जिला इकाई द्वारा कलेक्टर महोदय के माध्यम से माननीय नरेन्द्र मोदी (प्रधानमंत्री... शहडोल : तेंदूपत्ता खरीदी में 20 लाख रुपये के कथित घोटाला भाग्यशाली से रिकवरी कि मांग ,प्रशासनिक फिर ... शहडोल : टीईटी परीक्षा के अनिवार्यता को समाप्त करने मध्य प्रदेश शिक्षक संघ सौंपेगा का ज्ञापन शहडोल : घरौला मोहल्ला में जनकल्याण शिविर हुआ आयोजित, पार्षद  की रही अहम भूमिका शहडोल : मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त , कांग्रेस ने बताया लोकतंत्र की हत्या और संविधान पर हमला  शहडोल : एक मासूम थैलेसीमिया योद्धा के लिए 25 वर्षीय मनीष ने किया रक्तदान, युवाओं को रक्तदान का दिया ... शहडोल : टेट परीक्षा बनी समस्या शिक्षक हित में अन्य मुद्दों को लेकर  मध्य प्रदेश शिक्षक संघ की संभागी... शहडोल : इंदिरा ज्योति व चलें रामराज्य की ओर संकल्प यात्रा का शहडोल आगमन उमरिया :युवा टीम बनी बेसहारा पशुओं की सहारा, भीषण गर्मी में चारा-पानी की कर रहे व्यवस्था 

शहडोल : नहीं थम रही (डीई ओ) की मनमानी  , लगातार लग रहे आरोप फिर भी नहीं हो रही कोई कार्यवाही

0 592

नहीं थम रही (डीई ओ) की मनमानी ,

लगातार लग रहे आरोप फिर भी नहीं हो रही कोई कार्यवाही

शहडोल  (संजय गर्ग) ।  मामला जिले के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय कहां है जो कि आए दिन अपने नए – नए कारनामों के लिए अखबारों की सुर्खियों में बना रहता है।

जब से डीईओ का पदभार फूल सिंह मारपाची ने संभाला है तब से लेकर आज दिनांक तक आए दिन कहीं ना कहीं किसी न किसी अखबारों की हैडलाइन में डीईओ साहब सुर्खियां बटोर रहे।

साहब ने पूरे कार्यालय की काया पलट कर ही रख दी।

अब आप सोच रहे होंगे की काया पलट किस प्रकार।

तो ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में इतने कार्य नहीं होते जितने की घोटाले होते हैं।

और यह सब साहब के ही कार्यकाल में ज्यादा उभर के सामने आया है।

फिर चाहे वह घोटाला 4 करोड़ 60 लाख की खरीदी का हो या फिर प्राचार्य के संलग्निकारण कहां हो।

या फिर अपने मनचाहे व्यक्ति को कार्यभार सौंपने हेतु या यूं कहें नए घोटालों को आयाम देने हेतु स्वत के कार्यालय में पदस्थ कर्मचारियों के कार्यभार को अपने हिसाब से बांटने का हो।

(डी ई ओ) साहब ने अपने डेढ़ साल के कार्यकाल में विभाग की उन्नति का कार्य किया हो या ना किया हो लेकिन एक बात तो साफ है कि उन्होंने अपनी उन्नति का कार्य बखूबी निभाया है।

साहब के कुछ तथाकथित चहेते कर्मचारियों ने भी साहब की उन्नति के साथ अपनी उन्नति का रास्ता भी निकाल लिया है।

पर घोटालों व भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरने के बावजूद भी फूल सिंह मारपाची व उनके चहेते कर्मचारियों पर आज दिनांक तक कोई कार्यवाही प्रशासन की तरफ से नहीं की जा रही है।

जो अपने आप में एक विचारणीय विषय है।???? । 

कुर्सी के मोह में खोए फूल सिंह मारपाची शायद घोटालो के एवज में कुर्सी के उचित दायित्व को भूल चुके हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.