रसमोहनी :अंजनी पब्लिक स्कूल टिकुरी में ठप होता शैक्षणिक कार्य , तो क्या स्कूल में चल रहा शिक्षा का व्यापार
अंजनी पब्लिक स्कूल टिकुरी में ठप होता शैक्षणिक कार्य,
तो क्या स्कूल में चल रहा शिक्षा का व्यापार
रसमोहनी / बुढार (पवन त्रिपाठी) । यह तो हम और आप सभी जानते हैं कि आज के समावेश में किस प्रकार शिक्षा धीरे-धीरे व्यापार का आधार बनती जा रही है।
आए दिन नई-नई विद्यालयों का रजिस्ट्रेशन होता है और शिक्षा के नाम पर भरपूर व्यापार होता है।
लगभग सभी प्राइवेट स्कूलों में यह धंधा बड़ी तेजी से बढ़ रहा है जितनी तेजी से हमारी आबादी बढ़ रही है उसी प्रकार प्राइवेट स्कूलों का धंधा भी जोरों पर फल फूल रहा है फिर चाहे आप बात करें शहडोल जिले की या फिर किसी अन्य जिले की।
क्या एक तरफ माता-पिता अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए प्राइवेट विद्यालयों में दाखिला दिलवाते है।
परंतु विडंबना यह है कि वहीं प्राइवेट विद्यालय व उसके संचालक छात्रों के भविष्य को चंद्र रुपयों के लिए नीलम करने से पीछे नहीं हटते हैं।
ऐसा ही एक मामला जैतपुर के ग्राम टिकुरी रश्मोहनी में सामने आया है।
जहां पर अंजनी पब्लिक नामक इंग्लिश मीडियम विद्यालय का संचालन सारे नियमों को दरकिनार कर किया जा रहा है और छात्रों के भविष्य को अंधकार में जोका जा रहा है।
यह है पूरा मामला
दरअसल अंजनी पब्लिक इंग्लिश मीडियम विद्यालय टिकुरी रश्मोनी जैतपुर क्षेत्र अंतर्गत संचालित इस विद्यालय में नियमों को दरकिनार कर विद्यालय का संचालन किया जा रहा है।
इसके कुछ बिंदु हम आपके सामने रख रहे हैं।
संचालक के मनमाने नियम
तथाकथित विद्यालय में संचालक के अपने ही कुछ नियम हैं।
जैसे ड्रेस कोड किताबें जो कि वह स्वयं के विद्यालय से ही चलवाते हैं।
अर्थात जो बुक हुआ ड्रेस यह चलवाते हैं या उनके संबंध दुकानों में ही उपलब्ध है और कहीं उपलब्ध नहीं हो सकती है।
ठप पड़ा शैक्षणिक स्तर
तथाकथित अंजनी इंग्लिश मीडियम विद्यालय में शैक्षणिक स्तर पूर्णता शुन्य है।
संबंधित विद्यालय में ना उस स्तर के पढ़े-लिखे शिक्षक है, और ना ही छात्रों के पढ़ने हेतु लाइब्रेरी की व्यवस्था विद्यालय में की गई है।
इतना ही नहीं खेल मैदान भी विद्यालय में उपलब्ध नहीं है।
बावजूद इसके धड़ल्ले से संबंधित विद्यालय संचालित हो रहा है।
नहीं है स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था
तथाकथित विद्यालय में छात्रों के पीने के लिए स्वच्छ पानी की व्यवस्था भी विद्यालय संचालन कर रहे संचालकों के द्वारा नहीं की गई है।
सुरक्षा के मद्देनजर शुन्य विद्यालय
सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी विद्यालय में अनियमितताएं देखी गई।
तथाकथित विद्यालय में अग्नि श्यामक यंत्र भी नहीं पाया गया।
यदि विद्यालय में कोई अग्नि संबंधित दुर्घटना होती है तो उसके लिए भी विद्यालय ने कोई इंतजाम नहीं कर रखा है।
ऐसे में बच्चे अपनी जान हथेली पर रखकर अध्ययन तथाकथित विद्यालय में कर रहे हैं।
विद्यालय की गाड़ी का नहीं है फिटनेस बीमा
तथाकथित विद्यालय में जो वाहन बच्चों को लेकर घर से विद्यालय जाता है और विद्यालय से घर जाता है उस गाड़ी का फिटनेस बीमा भी नहीं है जिसका गाड़ी नंबर एमपी 18 1824 है।
यदि इन समस्त बिंदुओं की बारीकी से जांच कराई जाए तो स्वता ही सारा सच सामने आ जाएगा।
जब इस पूरे प्रकरण को लेकर दूरभाष के माध्यम से विद्यालय के संचालक आकाश साहू से संपर्क साधा गया तो उनका बचकाना बयान भी सामने आया है।
साहू का कहना है कि आप समस्त अभिभावकों से जानकारी ले सकते हैं हमारे यहां सारे कार्य नियम से ही संचालित हो रहे हैं।
इनका कहना
मैं 17 तारीख तक कमेटी गठित कर विद्यालय में हो रहे अनियमितताओं की जांच करआऊंगा ।
सीताराम दुबे ( बी . आर. सी . ) बुढार जिला शहडोल
