जयसिंहनगर :तो क्या भ्रष्टाचार की बेहती गंगा में एपीओ ने धोए हाथ , 5 माह से आखिर क्यों टेबल में धूल खाती पड़ी जांच फाइल
तो क्या भ्रष्टाचार की बेहती गंगा में एपीओ ने धोए हाथ ,
5 माह से आखिर क्यों टेबल में धूल खाती पड़ी जांच फाइल

जयसिंहनगर (निशांत गर्ग)। जांच जांच एक ऐसा विषय जिस पर लगभग सभी की निगाहें टिकी रहती है किसी भी विभाग का कोई भी विभागीय मसला हो जांच दल गठित कर उसे विभाग की मसले को निष्पक्ष रूप से हल कर दोषियों को सजा दिलाने के लिए जांच दल गठित की जाती है किंतु निष्पक्ष जांच को लेकर अब कई सवाल जहेन में उठने लगे हैं।
हम यह नहीं कहते कि जांच हमेशा निष्पक्ष नहीं होती पर कुछ मामलों में जांच दल में शामिल कई सदस्य गांधी जी के फेरे में आकर अपने ईमान की पोटली जब में रख देते जिसके ऊपर गांधी जी का वजन इतना बढ़ता जाता है कि वह ईमान की पोटली स्वत ही उसे वजन के नीचे दब जाती है।
ऐसा ही एक मामला जिले के जयसिंहनगर जनपद में सामने आया है। जहां पर लगभग 5 महीना से ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार के जांच का मामला अधर में लटका हुआ है रिकॉर्ड फाइल चेक करने के नाम पर विगत पांच महीना से शिकायतकर्ता को दिगभ्रमित किया जा रहा है।
मामला कुछ इस प्रकार
दरअसल जयसिंहनगर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत मुरियाटोला में सरपंच व (सरपंच पति) एवं सचिव के द्वारा मनमानी तरीके से कार्य किए गए जिसमें पी.सी. रोड निर्माण कार्य बराती महुआ से ईजीयस स्कूल बैगानटोला (pometer) तक का कार्य किया गया है. जिसमें स्टीमेट के आधार पर कार्य न किया जाकर गुणकताहीन कार्य किया गया है जिसमें गिट्टी रेता व सीमेन्ट का अनुपात स्टीमेट के अनुसार न होकर 147 के अनुपात पर गिट्टी रेत एवं सीमेन्ट का उपयोग एवं मिट्टी 30mm का उपयोग किया गया है तथा मिट्टी मिक्स रेत का उपयोग किया गया है जो गुणवत्ताविहीन हुआ जिसमें में एलपी कन्स्ट्रक्सन सप्लायर 28/2)2 के चुम पर बिल लगाया गया जो कि पास कोई भी सामग्री उपलबा नहीं थी। एवं इनकी पत्नी मोबिलाइजर पद पर पदस्थ है।
खरीदी के नाम पर शासकीय राशि का गवन
भवन मरम्मत मुदरियाटोला एवं डोम्हार में मोबलाइजर के पति के भाई नाम के से बिल लगाया गया है जो कि 6600/-, 6600/- का बिल लगा है जिसमें कोई खिड़की दरवाजा नहीं लगा हैं।
. फर्नीचर एवं लेपटाप के खरीदी पर जितने का बिल लगा है उतने राशि का सामान खरीदी नहीं किया गया । ओवर बिलिंग कर राशि निकाली गई
पत्नी की जगह पति संभाल रहा पंचायत
जो कि सरपंच नीरा सिंह जो कि निर्माण कार्य एवं ग्राम पंचायत कार्यालय में कभी नहीं आती हैं जो सरपंच पति के द्वारा पूरे कार्यालय का काम करते हैं। .
15 वर्षों से दे रहे भ्रष्टाचार को अंजाम
ग्राम पंचायत सरपंच पति बबलू सिंह के द्वारा कभी भी ग्राम पंचायत की बैठक नहीं ली जाती है ।
जब भी बैठक न लेने का विरोध किया जाता है तो सरपंच पति कहता है कि 15 वर्ष से हम इसी प्रकार काम करते हैं करते रहेंगे हमें न किसी उपसरपंच और न ही किसी पंच की जरूरत है जिसको जो करना है कर लो हमारा कुछ नहीं बिगड़ने वाला यह शब्द सरपंच पति के हैं गौर करने वाली बात तो यह है कि इतने अति आत्मविश्वास से भ्रष्टाचार को अंजाम दे रहे हैं। जो कि कहीं ना कहीं आंतरिक संरक्षण का मामला नजर आता है।
पूरे मामले की शिकायत ग्राम पंचायत मुदरिया टोला के उप सरपंच लवकुश मेहरा के द्वारा कलेक्टर को 29 फरवरी 2024 को की जाती है इसके बाद जांच दल गठित कर जांच के लिए टीम ग्राम पंचायत भेजी जाती है।
जनपद एपीओ के ऊपर संदेह की सुई
पांच माह बीत जाने के बाद भी जांच अधूरी रह जाती है जांच अधिकारी एपीओ मनोज मिश्रा के द्वारा रिकॉर्ड फाइल चेक करने के नाम पर मामले को टालमटोल किया जा रहा है।
और जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया जाता है। जो कि कहीं ना कहीं मनोज मिश्रा के ऊपर इस पूरे मामले में संदेह की सुई लटकी हुई है।
अपुष्ट सूत्र की माने तो मनोज मिश्रा के द्वारा दोषियों के साथ साठ – गांठ कर सिस्टम जमाया जा रहा है जिसको जमते जमाते पांच महीने लग चुके हैं।
इनकी प्रतिक्रिया
1.जब इस संबंध में एपीओ जनपद से संपर्क किया गया तो उनका कहना था कि भैया जांच चल रही है। पंचायत की रिकॉर्ड फाइल चेक करना है। अधी जांच हो गई है इस हफ्ते कंप्लीट करनी है। पंचायत में रिकॉर्ड फाइल के लिए हमने बोला है उन लोगों ने बोला कि एक-दो दिन में दे देंगे
मनोज मिश्रा (एपीओ) जनपद जयसिंहनगर जिला शहडोल
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2. हमारे सामने उन्होंने पंचनामा बनाया और हमसे बोला कि एक दिन आऊंगा रिकॉर्ड जांचा करना है और अब कह रहे हैं कि बस बना रहा हूं कर रहा हूं ऐसे करके भ्रमित कर रहे हैं । अब तक किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हुई है हमें जल्दी इस मामलों को लेकर कोर्ट जाऊंगा।
(उप सरपंच) लवकुश मेहरा ग्राम पंचायत मुदरियाटोला जनपद जयसिंहनगर जिला शहडोल
