शहडोल: रात के अंधेरे में तिकड़ी का सिंडिकेट कर रहा अवैध व्यापार , पयासी जी के संरक्षण में क्या है महाराज का सरोकार
रात के अंधेरे में तिकड़ी का सिंडिकेट कर रहा अवैध व्यापार ,
पयासी जी के संरक्षण में क्या है महाराज का सरोकार
शहडोल । ( संजय गर्ग) लगातार अवैध व्यापार के माफियाओं का गढ़ बना शहडोल जिला जोकि कभी अपनी प्राकृतिक संपदा व पुरातात्विक धरोहरों के लिए जाना जाता था आज सिर्फ कोयला , रेत , व तीन पत्ती के लिए मशहूर है।
जहां पर अनगिनत ढेर सारे माफियाओं के द्वारा बड़े पैमाने में रात के अंधेरे में यहां की खनिज संपदा को तार-तार कर प्राकृतिक संतुलन को बिगड़ने पर तुले हुए हैं।
ऐसा है पूरा मामला
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सोहागपुर थाना क्षेत्र का अंतर्गत ग्राम पटासी में इन दिनों (एलएम बीएस )का सिंडिकेट सक्रिय है । जो लगातार क्षेत्र में मौजूद खनिज संपदा जैसे रेता व कोयला अवैध खनन कर करोड़ों की चांदी काट रहे हैं।
हालांकि अब तक इस पर जिला प्रशासन के द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है।
लेकिन तिकड़ी के सिंडिकेट की चर्चा पूरे जिले में है।
कौन है तिकड़ी का मास्टरमाइंड
यदि बात की जाए तो इस पूरे तिकड़ी सिंडिकेट के मास्टरमाइंड की तो पटासी के महाराज और सिंह यह दोनों मिलकर इस सिंडिकेट की दिन दुगनी रात चौगुनी तरक्की करा रहे हैं।
ऐसा हम नहीं कहते ऐसा हमारे सूत्र बताते हैं।
कोयला – रेता और तीन पत्ती
इतना ही नहीं क्षेत्र में चर्चा इस बात की भी है कि महाराज और सिंह न केवल रेता और कोयले का अवैध व्यापार करते हैं बल्कि तीन पत्ती में भी तथा कथित ने महारत हासिल की है।
रात के अंधेरे में बढ़ता काला कारोबार
ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार दिन में कथित क्षेत्र जितना शांत रहता है रात होते ही काले कारोबार का ताना बाना माफियाओं द्वारा वहां पर बुना जाता है। और लगातार वहां पर खनिज उत्खनन व परिवहन का अवैध व्यापार फल – फूल रहा है।
किसके कंधों पर मैनेजमेंट का जिम्मा
अपुष्ट सूत्रों कि यदि मन तो इस पूरे काले कारोबार में व तिकड़ी के सिंडिकेट के द्वारा मैनेजमेंट का जिम्मा किसी पयासी को सौंपा गया है। जो की नौकरी शासन की करते हैं लेकिन मैनेजमेंट माफियाओं का ।
बेसुध व अंजान है ख़ाकी
इस पूरे मामले में मजे की बात तो यह है कि लगातार माफियाओं द्वारा अपने काले कारोबार को रात के अंधेरे में दे रहे हैं लेकिन इस पूरे मामले से सोहागपुर पुलिस भी बेसुध व अनजान है। इसका कारण क्या है यह तो समझ के परे हैं।
अब देखना यह होगा कि आखिर कब तक तिकड़ी का सिंडिकेट रात के अंधेरे में अपने काले कारोबार को कितना आगे पहुंचा सकता है।
इनकी प्रतिक्रिया
मुझे इस मामले में कोई जानकारी नहीं है कोयला रेता कहां से निकल रहा है थाने में कोई सूचना नहीं आई है ।
भूपेंद्र मणि पांडेय ( थाना प्रभारी) सोहागपुर जिला शहडोल
