शहडोल: सुनिए पुलिस कप्तान , आखिर किसने दे रखा है एएसआईंओ को अभयदान , सत्ता के गलियारे एवं गली चौक – चौराहे पर चर्चा का विषय बनी खाकी
सुनिए पुलिस कप्तान , आखिर किसने दे रखा है एएसआईंओ को अभयदान
सत्ता के गलियारे एवं गली चौक – चौराहे पर चर्चा का विषय बनी खाकी
शहडोल (संजय गर्ग)। आदिवासी अंचल के जयसिंहनगर क्षेत्र में बीते दिनों जिस प्रकार बड़े पैमाने में जंगलों से पकड़ा गया साढ़े तीन करोड़ रुपए का अवैध गांजे ने पूरी तरीके से जिले के सियासत को गर्मा कर रख दिया है।
वैसे तो जिले का सत्ता पक्ष और विपक्ष बड़े ही शांति प्रिय ढंग से जिले की राजनीति को संचालित करती है लेकिन इन्हीं दो राष्ट्रीय स्तर की सक्रिय दलों में अवैध गांजे की खेप ने मानो जहां एक तरफ सत्ता पक्ष के लिए गले की फांस बनी तो वहीं दूसरी ओर विपक्ष के लिए संजीवनी से साबित हो रही है।
हालांकि अवैध गांजा किसका है इसका पता पुलिस भी लगाने में लगी हुई है।
लेकिन जिस प्रकार सत्ता के गलियारे से लेकर नगर के चौक चौराहों में भारी मात्रा में पकड़ी गई अवैध गांजे की खेप से सबसे ज्यादा मुख्य आकर्षण का केंद्र इस समय जयसिंहनगर पुलिस बनी हुई है।
थाना प्रभारी के निलंबन से गहराई शांका
वहीं दूसरी और इस पूरे मामले में जयसिंहनगर तत्कालीन थाना प्रभारी सत्येंद्र चतुर्वेदी को अवैध गांजा मामले में समय पर कार्यवाही न करने को लेकर पुलिस अधीक्षक के द्वारा निलंबित कर दिया गया।
जिससे तरह-तरह के और कई सवाल लोगों के जहन में उठने लगे। हालांकि हम आपको वही बता रहे हैं जो इन दोनों जयसिंहनगर क्षेत्र से लेकर शहडोल नगर के चौक चौराहों पर चर्चा का विषय है।
ऐसी है जन चर्चाएं
जयसिंहनगर थाना प्रभारी के निलंबन से पुलिस के ऊपर पूरे गांजे मामले में लटक रही संदेह की सुई और भी पुख्ता हो गई।
ऐसा लोगों का कहना है।
साथ ही लोगों ने यह सवाल करने शुरू कर दिया कि क्या इस पूरे मामले में थाना प्रभारी के साथ जयसिंहनगर थाने के और कई लोग भी शामिल है।
भारी मात्रा में गिरूई खुर्द के जंगलों से मिला अवैध मादक पदार्थ कहां से आया कितनी मात्रा में आया और कहां रखा गया फिर वहां से कहां गया और यह किसका है इस प्रकार के कई सवाल जन चर्चा का विषय बन गए।
प्रदेश स्तर में भी चर्चा की तैयारी में विपक्ष
वहीं दूसरी और विगत दिनों जिस स्थान से जयसिंहनगर पुलिस द्वारा गांजा जप्त किया गया था वहां पुष्पराजगढ़ के कांग्रेस विधायक फुन्देंलाल मार्को ने भी स्थल का निरीक्षण किया और ग्राम पंचायत में गांव के लोगों के बीच विषय की चर्चा करते हुए जानकारियां बटोरी। इसके बाद बीते सोमवार को कांग्रेस ने प्रेस नोट जारी कर इस पूरे विषय को विधानसभा में उठाने की बात पर जोर डाला है।
और यदि ऐसा होता है तो जरूर ही यह गंजा कांड प्रदेश स्तर का हो जाएगा।
प्रेस नोट में सामने आए दो एएसआईंओ के नाम
बीते सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रेस नोट जारी कर आधिकारिक तौर पर बयान दिया है कि मुख्य आरोपी को बचाने के लिए किसकी मासूम को बलि का बकरा ना बनाया जाए।
वहीं जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष गुप्ता ने कहां की जयसिंहनगर थाने में पदस्थ दो एएसआईं विनोद और संतोष मिश्रा की भूमिका इस पूरे प्रकरण में संदिग्ध है।
एएसआईंओ पर हो उच्च स्तरीय जांच
इस आधिकारिक बयान के बाद सवाल उठता है कि एएसआईंओ पर उच्च स्तरीय विभागीय जांच होनी चाहिए जो की कांग्रेस द्वारा प्रेस नोट में जारी बयान के आधार पर लोकल पुलिस द्वारा पक्षपात पूर्ण जांच किया आशंका जताई गई ।
वही इस पूरे मामले को देखने में ऐसा लगता है कि कहीं ना कहीं थाना प्रभारी के निलंबित होने के बाद एएसआईंओ स्तरीय जांच होनी चाहिए। और दोनों ही एएसआई संतोष और विनोद अभी तक इस पूरे मामले में बचते नजर आ रहे हैं। अभी इन्हें किसका अभयदान मिला हुआ है यह तो जांच का विषय है।
इनका कहना
इस संबंध में जब पुलिस अधीक्षक से उनकी प्रतिक्रिया जानने हेतु संपर्क किया गया तो लगातार फोन लगाने पर भी किन्हीं कारणों से फोन रिसीव नहीं हो सका।
राम जी श्रीवास्तव पुलिस अधीक्षक जिला शहडोल
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2. मैं अभी आया हूं इस विषय में और जानकारी आपको हमारे वरिष्ठ कार्यालय से मिल जाएगी। हालांकि थाने के जो भी लोग इसमें संलिप्त हैं। उन पर विभागीय जांच होगी।
अजय बैगा ( थाना प्रभारी) पुलिस थाना जयसिंहनगर जिला शहडोल
