शहडोल: जलपरी के सम्मोहन में फंसे शहडोल जिले के अधिकारी…… हुई बड़ी दुर्घटना तो किसकी होगी जिम्मेदारी ????
जलपरी के सम्मोहन में फंसे शहडोल जिले के अधिकारी…… हुई बड़ी दुर्घटना तो किसकी होगी जिम्मेदारी ????
शहडोल (संजय गर्ग)। शहडोल जिले में बीते कई महीनो से भ्रष्टाचार के नित्य नए कारनामें समय-समय पर आते रहे हैं कहीं फर्जी बिल तो कहीं ड्राई फ्रूट का महाघोटाला फिर एआई कि आड़ में हुआ गड़बड़ झाला सहित बीते कुछ दिनों पूर्व सीवर लाइन हादसे में दो गरीब आदिवासी मजदूरों की मौत कुल मिलाकर इन सभी मामलों में यदि यह कहें की जिम्मेदार अफसरों की बड़ी लापरवाही रही है तो वह अतिसंयोक्ति नहीं होगी। ऐसा ही एक ताजा मामला पुनः संभागीय मुख्यालय से ही प्रकाश में आया है जहां अधिकारियों की लापरवाही और अनदेखी निश्चित तौर पर साबित है बता दें कि संभागीय मुख्यालय स्थित बांण गंगा मेला मैदान में डिज्नीलैंड फन वर्ल्ड मेला लगा हुआ है।
उक्त मेला संचालन को लेकर कई लापरवाहियां देखने आई है निश्चित तौर पर जिम्मेदार अधिकारियों अनदेखी ही इन लापरवाहियों की जनक कही जा सकती है।
सूत्रों से मिली जानकारी के हवाले से माने तो डिजनी वर्ल्ड मेला में नाबालिक कर्मचारी की उपस्थिति प्रशिक्षित अनुभवहीन व्यक्तियों द्वारा झूलों का संचालन अपराधिक पृष्ठभूमि के व्यक्तियों की मौजूदगी सहित कर्मचारियों का एक निश्चित पोशाक में ना होना सुरक्षा के बेहतर उपाय उपलब्ध न होना आदि जैसी कमियां मौजूद है जिससे कहीं ना कहीं एक बड़ी दुर्घटना होने की संभावनाओं को भी बल प्राप्त होता है।
नहीं है कर्मचारियों का पुलिस वेरीफिकेशन
मेले में कार्य कर रहे कर्मचारियों का कोई भी पुलिस वेरिफिकेशन नहीं है जो की निकट भविष्य में या चलते मेले के दौरान अपराधिक गतिविधियों का अंजाम दे सकता है जिसकी पूर्ण आशंका है।
नाबालिक कर रहे काम
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस मेले के अंदर जो कर्मचारी मेले में लगे झूले को चलते हैं वह भी 18 साल से कम उम्र के हैं ऐसे में सवाल यह उठता है कि इस मेले के आयोजकों के द्वारा बाल श्रम जैसे संगीन अपराध को कैसे अंजाम दे रहे हैं। इतना ही नहीं इस मेले में चल रहे झूलो का भी कोई बीमा नहीं है। ऐसे में यदि आप अपने परिवार समेत यहां आकर झूला झूल रहे हैं तो आपकी जान खतरे में है।
फायर सेफ्टी का भी नहीं कोई पुख्ता इंतजाम
डिज्नीलैंड मेला जहां पर अनेकों प्रकार के झूले समेत इलेक्ट्रॉनिक यंत्रों का प्रयोग इस मेले में हो रहा है ऐसे में फायर सेफ्टी होना काफी जरूरी है जो कि यहां पर नहीं है। तो जरा सोचिए हजारों की तादात में आप मेले के अंदर हूं और अचानक मेले में आग लग जाए तब आपकी जान का जिम्मेदार कौन…?
जानकार बताते हैं
जानकारों की माने तो डिजनीलैंड मेले या इस प्रकार के आयोजनों, के कर्ताधर्ता लोग या कंपनी के द्वारा बीमा कराया जाता है जिससे दुर्घटना होने पर मेले में आ रहे उपभोक्ताओं को बीमा लाभ मिल सके।
जलपरी को हो सकता है जान का खतरा
चंद पैसों के लिए जलपरी बन कर पानी से भरे बॉक्स में जलपरी का कॉस्ट्यूम पहन कर तैर रही लड़की को यदि मनोरंजन के दौरान कोई स्वास्थ्य संबंधित समस्या हो जाए तो उसका जिम्मेदार कौन होगा।
इसलिए डिज्नीलैंड में जाने से पहले सावधान हो जाएं अपनी सुरक्षा कर ले उसके बाद ही वहां जाएं।
इनका कहना
हमारे पास जानकारी नहीं है कि उनके कितने कर्मचारी आए हुए हैं और उनका कोई भी रिकॉर्ड हमारे पास नहीं है ।
भूपेंद्रमणि पांडे ( थाना प्रभारी) सोहागपुर जिला शहडोल (म . प्र.)
2. इस संबंध में एसडीम शहडोल को जानकारी लेने के लिए फोन लगाया गया तो उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया
अरविंद शाह (अनुविभागीयदंडाधिकारी) शहडोल।
