शहडोल/ जयसिंहनगर : प्रशासन की उदासीनता और सचिव के भर्रेशाही से परेशान ग्रामीणों ने दिया सात दिवस का अल्टीमेटम , 200 से अधिक ग्रामीण हुए पात्रता से वंचित ….. भ्रष्टाचारी सचिव पर यदि नहीं हुई कार्यवाही तो मानपुर कटनी मार्ग को अवरुद्ध कर ग्रामीण करेंगे उग्र आंदोलन
प्रशासन की उदासीनता और सचिव के भर्रेशाही से परेशान ग्रामीणों ने दिया सात दिवस का अल्टीमेटम ,
200 से अधिक ग्रामीण हुए पात्रता से वंचित ….. भ्रष्टाचारी सचिव पर यदि नहीं हुई कार्यवाही तो मानपुर कटनी मार्ग को अवरुद्ध कर ग्रामीण करेंगे उग्र आंदोलन
शहडोल/ जयसिंहनगर (संजय गर्ग)। जब भ्रष्टाचार सत्ता के संरक्षण में आतुर हो जाए तो हालात ऐसे हो जाते हैं कि वर्षों बीत जाते हैं लेकिन भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई नहीं हो पाती है। ऐसा ही एक मामला जिले के जयसिंह नगर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत देवरी का है जहां पर पदस्थ सचिव रमाकांत द्विवेदी ने वहां के ग्रामीणों को अपने भ्रष्टाचार के मकड़जाल में फंसा कर रखा हुआ है। जहां पर हालात ऐसे हैं कि विगत एक दशक से ऊपर होने जा रहा है लगातार एक ही पंचायत में सचिव रमाकांत ने अपनी भ्रष्टाचार की जड़े इतनी मजबूत कर ली है कि शासन प्रशासन भ्रष्टाचारी सचिव के आगे बौना सा दिखता है।
योजनाओं का नहीं मिल रहा लाभ हो रहे सचिव के शोषण का शिकार
दरअसल बीते मंगलवार को ग्राम पंचायत देवरी के समस्त ग्रामीण भारी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां पर ग्रामीणों के द्वारा उन्हीं के पंचायत में पदस्थ सचिव रमाकांत के खिलाफ भ्रष्टाचार बंद करने की नारेबाजी की गई। कलेक्टर के नाम ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपकर बताया कि सचिव रमाकांत के द्वारा लगातार ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार का अंबार लगाया हुआ है साथ ही हाल ही में सचिव के द्वारा राशन पात्रता हेतु ₹3000 प्रति व्यक्ति रिश्वत की मांग की गई । लेकिन रिश्वत न देने पर सचिव के द्वारा लगभग 200 से अधिक ग्रामीणों को राशन पात्रता से अपात्र कर दिया। जििसे कहीं ना कहीं ग्रामीीण जन सचिव के शोषण का शिकार हो रहे हैं।
राजनैतिक संरक्षण का आरोप
इतना ही नहीं ग्रामीणों ने देवर सचिव के ऊपर राजनैतिक संरक्षण कभी आरोप लगाया ग्रामीणों का ऐसा आरोप है कि जयसिंहनगर जनपद उपाध्यक्ष का संरक्षण सचिव को प्राप्त है हालांकि इसकी पुष्टि हम नहीं करते।
शासन की योजनाओं की बोली लगता सचिव
ग्रामीणों ने यह बताया कि लगभग एक दशक से अंगद की तरह भ्रष्टाचार कि जड़ मजबूत कर सचिव रमाकांत के ऊपर ग्रामीण नहीं है आरोप लगाया कि पंचायत में शासन की किसी भी योजनाओं की पात्रता लेनी है तो रिश्वत देना जरूरी है। हालांकि में रिश्वत के आरोपो की जांच पहले भी हो चुकी है। इसके बावजूद भी कार्यवाही शिथिल पड़ी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि शासन की किसी भी योजनाओं का लाभ पंचायत में निवास कर रहे आम जनों तक सुचारू रूप से नहीं पहुंच रहा है जिसके कारण पंचायत विकास अभिवृद्धि है। ऐसे में ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
बार-बार शिकायत पर भी नहीं हुई सुनवाई
ग्रामीणों ने बताया कि लगभग एक दशक से सचिन रमाकांत के भ्रष्टाचार की शिकायत जनपद स्तर से लेकर जिला पंचायत कलेक्टर यहां तक की कमिश्नर को भी की गई है लेकिन हजारों आवेदन देने के बावजूद भी सचिव के ऊपर आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। जिसे कहीं ना कहीं प्रशासन की उदासीनता इस पूरे मामले में स्पष्ट रूप से दिख रही है। जिसके चलते ग्रामीणों ने अब सात दिवस का समय शासन प्रशासन को दिया है। और सचिव के ऊपर जांच कर उसके स्थानांतरण की मांग की है।
