शहडोल : भ्रष्टाचारियों से अब तक नहीं हुई शासकीय राशि की रिकवरी , तो क्या ????? सरपंच – सचिव पर मेहरबान है जिला पंचायत के मेजबान , जांच में मिले वित्तीय अनियमिताओं के प्रमाणीकरण
भ्रष्टाचारियों से अब तक नहीं हुई शासकीय राशि की रिकवरी ,
तो क्या ????? सरपंच – सचिव पर मेहरबान है जिला पंचायत के मेजबान , जांच में मिले वित्तीय अनियमिताओं के प्रमाणीकरण ,
शहडोल / गोहपारू (संजय गर्ग)। भ्रष्टाचार संबंधित मामलों में ग्राम पंचायत हमेशा फ्रंट फुट में ही दिखाई देती समय-समय पर भ्रष्टाचार संबंधित मामले प्रशासन तक पहुंचाते रहते हैं। जिस पर किन्हीं मामलों पर जो कि अधिकारियों की कृपा पात्र नहीं होते उन पर कार्रवाई हो जाती है। ठीक इसी के विपरीत जिन पर अधिकारियों की कृपा के पत्र भ्रष्टाचारी रहते है उनके भ्रष्टाचार संबंधित मामले ठंडे बस्ते में चले जाते हैं। *ऐसा हम नहीं कहते ऐसा हमारे सूत्र बताते हैं*
ऐसा ही एक मामला जिले के गोहपारू जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत लोढ़ी का है जहां पर बीते कुछ सालों में निर्माण कार्यों एवं शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में घोर अनियमिताएं करते हुए वित्तीय आहरण से संबंधित कई मामले प्रकाश में आए हैं।
बता दें कि भ्रष्टाचार के 15 बिंदुओं का शिकायत पत्र जिला पंचायत को प्राप्त हुआ जिसमें दिनांक 12 दिसंबर 2024 को शिकायतकर्ताओं की उपस्थिति में 15 बिंदु की शिकायत कि विधिवत जांच जिला पंचायत से गठित जांचकर्ता अधिकारीयो के टीम द्वारा की गई। जिसमें जांच प्रतिवेदन में कथित ग्राम पंचायत के सरपंच प्रभा सिंह व सचिव आशुतोष गौतम के विरोध शासकीय राशि के व्यय में वित्तीय नियमों का पालन न करने एवं ग्राम पंचायत स्तर में शासन की योजनाओं में वित्तीय आहरण का मामला स्पष्ट रूप से जांच में प्रकाश में आया।
वहीं दूसरी ओर शिकायतकर्ताओं के अनुरूप जांच होने के काफी समय पश्चात जब सचिव सरपंच के ऊपर कोई कार्यवाही नहीं हुई तो उन्होंने पूरे मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में की जिसका शिकायत क्रमांक – 29735574 है जिसमें सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर जांच कर रहे अधिकारियों ने समाधान में लेख किया है कि जांच के उपरांत सरपंच प्रभा सिंह के विरुद्ध धारा 40 एवं प्रभारी पंचायत सचिव आशुतोष गौतम के विरुद्ध धारा 92 का प्रकरण मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शहडोल द्वारा दर्ज किया गया है।
जब जांच के उपरांत सचिव सरपंच का भ्रष्टाचार प्रमाणित हुआ और उन पर धारा 40 और धारा 92 का प्रकरण भी पंजीबद्ध हो चुका है जैसा की शिकायतकर्ता के सीएम हेल्पलाइन पोर्टल में जांच करता अधिकारियों ने समाधान दर्ज किया है।
तो इसके अनुरूप सवाल यह है कि आज दिनांक तक प्रकरण पंजीबद्ध होने के पश्चात भी सचिव सरपंच पर क्यों कोई वैधानिक कार्रवाई नहीं हुई और ना ही उनसे शासकीय राशि के रिकवरी की जा रही है।
जिसको लेकर बीते गुरुवार दिनांक 28 अगस्त 2025 को ग्राम पंचायत लोढ़ी के ग्रामीण जानों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शहडोल को इस पूरे मामले की विधिवत शिकायत की है।
लेकिन अब तक इस पूरे भ्रष्टाचार के मामले में जांच के उपरांत दोषी पाए गए सरपंच सचिव के ऊपर कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है।
जोकि जिला पंचायत शहडोल में बैठे जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवालियां निशान खड़ा कर रहे हैं।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
अभी मैं मीटिंग में हूं। बाद में बात करते हैं।
सौम्या आनंद ( मुख्य कार्यपालन अधिकारी) जिला पंचायत शहडोल।


