शहडोल : आरक्षक के परिवार से मिलती है जान से मारने की धमकी प्रार्थी पर हो चुका है प्राणघाती हमला ………सैय्या भय कोतवाल तो डर काहे का ????? , पहले किया जबरन कब्जा ,फिर अपराधिक गतिविधियों को दे रहे अंजाम
आरक्षक के परिवार से मिलती है जान से मारने की धमकी प्रार्थी पर हो चुका है प्राणघाती हमला ………सैय्या भय कोतवाल तो डर काहे का ????? ,
पहले किया जबरन कब्जा ,फिर अपराधिक गतिविधियों को दे रहे अंजाम
शहडोल (संजय गर्ग)। परिवार में यदि कोई पुलिस या अन्य विभागों में भर्ती होता है। तो जाहिर सी बात है कि परिवार के अन्य सदस्यों के लिए यह काफी गर्व की बात है लेकिन जरा सोचिए की पुलिस में आरक्षक जैसे छोटे पद पर नियुक्त होकर देशभक्ति और जन सेवा छोड़कर वर्दी की ताकत का यदि गलत तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो इसे आप क्या कहेंगे। ऐसे ही उमरिया पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर पदस्थ मोतीलाल गोले पिता मोहनलाल गोले के ऊपर वर्दी के दुरुपयोग का आरोप लग रहा है।( जिसकी पुष्टि एमपी आयुष न्यूज़ नहीं करता) पीड़ित के कथन अनुसार कथित आरक्षक के पिता मोहन और सगा भाई नानक गोले के द्वारा आरक्षक भाई के संरक्षण में पहले तो नजूल की निस्तार भूमि पर बोर कराया गया। फिर उसी भूमि पर नाली के ऊपर अवैध निर्माण भी कराया जा रहा है जिसकी शिकायत फरियादी द्वारा कोतवाली थाने से लेकर पुलिस अधीक्षक शहडोल और आई जी शहडोल को की जा चुकी है बावजूद इसके अब तक किसी भी प्रकार की कोई सुनवाई नहीं हुई है।
इतना ही नहीं वर्तमान में कुछ समाचार पत्रों के प्रतिनिधियों को भ्रामक जानकारी देकर खबर का प्रकाशन कराया गया। जिससे नजूल की भूमि पर चल रहे अवैध निर्माण व कब्जे के खेल को बल मिल सके।
ऐसा है पूरा मामला
दरअसल पूरा मामला नजूल भूमि पर आम रास्ते के निस्तार का है। जहां पर नानक गोले , पिता मोहन गोले ,व उसके भाई मोतीलाल गोले जो की उमरिया पुलिस विभाग में आरक्षक है। यह सभी निवासी वार्ड नंबर 19 बरौनी होटल के पास घऱौला मोहल्ला के हैं। ठीक इन्हीं के घर से के बगल में अजय मोर पिता लक्ष्मी प्रसाद मोर निवासी वार्ड नंबर 19 हनुमान मंदिर के पास जो की एक किराना व्यापारी है। जिसका गोदाम गोले परिवार के घर के बगल से बना हुआ है।
है। प्रार्थी अजय मोर के द्वारा 21 मार्च 2025 को कोतवाली में प्राथमिक दर्ज कराते हुए बताया कि। उसका किराना सामान का गोदाम 17×35 वर्ग फीट में बना हुआ है उसी के बगल से मोतीलाल गोले आरक्षक उमरिया पुलिस विभाग एवं उसके भाई नानक गोले व पिता मोहन गोले का मकान भी बना है। एवं प्रार्थी ने बताया कि अपने मकान को उनके द्वारा किराए से भी दिया गया है साथ ही उसके घर के सामने शासकीय जमीन पड़ी है जिसमें स्वयं निस्तार करता है और मोहल्ले वालों के अलावा वह प्रार्थी को उक्त शासकीय भूमि पर निस्तार करने से मना करता है।
शासकीय भूमि पर कर रहे थे बोर
प्रार्थी द्वारा बताया गया कि 2 मार्च 2025 को नानक गोले पिता मोहन गोले के द्वारा आम निस्तार व नजूल की शासकीय भूमि पर मेरे गोदाम के दरवाजे के ठीक सामने बोर करवाया जा रहा था जिस पर प्रार्थी अजय मोर के द्वारा नगर पालिका में शिकायत दी गई थी जिस पर नगर पालिका के अधिकारियों के द्वारा चल रहे बोर के काम को बंद करवा दिया गया था। लेकिन अपने आरक्षक भाई का संरक्षण लेकर उसने शासकीय भूमि पर बोर करवा दिया। इतना ही नहीं उसी जमीन पर शासकीय मत से बनी नाली को मोतीलाल गोले आरक्षक पुलिस विभाग उमरिया व उसके भाई नानक गोले ने पाट दिया।
इसकी शिकायत प्रार्थी ने एसडीएम कार्यालय में भी की जहां से जमीन का सीमांकन हुआ जिसमें शासकीय भूमि पर बोर होना पाया गया।
लेकिन इस भूमि पर शासकीय नाली के ऊपर अवैध निर्माण जारी है जिसका उल्लेख सीमांकन कर्ताओं ने अपनी रिपोर्ट में नहीं किया। प्रार्थी द्वारा बताएं कथन अनुसार।
जान से मारने की धमकी कर चुके हैं प्राण घाती हमला
आरक्षक मोतीलाल गोले के परिवार से प्रार्थी अजय मोर आज विगत कई महीनों से परेशान है। इतना ही नहीं प्रार्थी के ऊपर आए दिन शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जाता है शिकायत वापस न लेने पर प्रार्थी के साथ मारपीट की घटना को भी अंजाम दिया गया है। 11 जुलाई 2025 को प्रार्थी अजय मोर के साथ आरक्षक मोतीलाल गोले व उसके भाई नानक गोले के द्वारा प्रार्थी के साथ झूमा झटकी कर मारपीट व गाली गलौज की गई। उसके बाद नकाल पंच (का प्रयोग कर प्रार्थी के पेट में लगातार वार किया गया । इसके बाद लहू-लुहान होकर प्रार्थी अजय मोर कोतवाली पहुंचता है जहां से उसे जिला अस्पताल प्राथमिक उपचार के लिए ले जाया जाता है 12 जुलाई 2025 को जिला चिकित्सालय में आकस्मिक विभाग में प्रार्थी को प्राथमिक उपचार दिया जाता है।
पहले तो चोरी फिर सीन जोरी
प्रार्थी के बताएं अनुरूप शासकीय नजर भूमि पर आम निस्तार को प्रभावित करते हुए अवैध कब्जा करना उसके बाद शिकायत करने पर रंजीवस जान से मारने की धमकी देना वह प्राण घाती हमला करना यह इस बात का प्रमाण है कि कहीं ना कहीं आरोपियों को पुलिस का खौफ नहीं है क्योंकि उनका सागा भाई मोतीलाल खुद ही आरक्षक बन बैठा है। जो अपने परिवार को गलत कार्य व आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए बल प्रदान कर रहा है।
यह भी विचारणीय
इस पूरे मामले में कहीं ना कहीं प्रशासन की कार्य प्रणाली सवालों के कटघरे में है। सवाल यह है कि । नजूल की शासकीय भूमि पर आम निस्तार की को प्रभावित करने की शिकायत करने पर प्रार्थी के ऊपर प्राण घाती हमला करने वाले आरोपित पक्ष पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। इसका कारण क्या है यह तो स्पष्ट नहीं है। प्रार्थी ने लगातार 7 महीने में जिला स्तर से लेकर संभाग स्तर के अधिकारियों को मामले की शिकायत की लेकिन कार्यवाही ठंडा बस्ते में है। तो क्या इसका कारण विवादित आरक्षक है जो अधिकारियों को कार्यवाही करने से रोक रही है।
इस पूरे मामले में बड़ा सवाल यह है कि क्या??? पुलिस के नाम को कलंकित कर इस प्रकार वर्दी का दुरुपयोग कहां तक उचित है। क्योंकि जांच का विषय है। लेकिन अवैध तरीके से शासकीय भूमि पर कब्जा करना जिससे इस पूरे प्रकरण में सैया भय कोतवाल तो डर काहे का वाली कहावत को बल मिलता दिखाई दे रहा है।
ऐसे में प्रार्थी अजय मोर ने प्रशासन से न्याय की मांग की है और उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए सार्वजनिक रूप में बयान दिया है कि यदि भविष्य में उनके साथ कोई भी अप्रिय घटना घटती है। तो उसका जिम्मेदार आरक्षक व उसका पूरा परिवार होगा।
इनका कहना
इस संबंध में जब कोतवाली में पदस्थ एएसआई जो पूरे मामले के विवेचना अधिकारी हैं उनसे बात की गई तो उन्होंने बताया कि। जी हां बोर वाली जो बात है वह सत्य है जो बोर गोले परिवार ने कराया है वह पीड़ित के दरवाजे के सामने हैं। हमने भी एक दो बार उन्हें समझाया है। और हमने कोर्ट में चालान पेश कर दिया है।
कन्हैयालाल अहिरवार ( एएसआई ) सिटी कोतवाली जिला शहडोल।
