S.K. Paswan
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शहडोल:श्रेजा प्लाजा में संगीत संध्या का बेहद शानदार कार्यक्रम हुआ संपन्न , झंकार म्यूजिकल ग्रुप के बैनर तले शहडोल के उभरते संगीत कलाकारों ने अपनी अपनी प्रतिभाओं से श्रोताओं का जीता दिल

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 श्रेजा प्लाजा में संगीत संध्या का बेहद शानदार कार्यक्रम हुआ संपन्न  ,

झंकार म्यूजिकल ग्रुप के बैनर तले शहडोल के उभरते संगीत कलाकारों ने अपनी अपनी प्रतिभाओं से श्रोताओं का जीता दिल

शहडोल (संजय गर्ग) ।  शहडोल जिले का नया उभरते संगीत ग्रुप झंकार म्यूजिकल ग्रुप द्वारा आयोजित संगीत संध्या का एक बेहतरीन कार्यक्रम गायक मुकेश कुमार माथुर और किशोर कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मधुर गीतों के साथ स्थानीय के स्क्वायर के सामने स्थित श्रेजा प्लाजा कांप्लेक्स मे संपन्न हुआ। ज्ञात हो कि मुकेश कुमार जिन्हें सिर्फ़ मुकेश के नाम से जाना जाता है, तथा किशोर कुमार जिन्हें लोग किशोर दा के नाम से पुकारते थे हिंदी फ़िल्म उद्योग के एक बेहद लोकप्रिय और प्रशंसित पार्श्व गायक थे, जो अपनी मधुर आवाज़ और बेहतरीन गीतों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने फिल्म जगत के कई बड़े अभिनेताओं को अपनी आवाज़ दी। जहां गायक मुकेश को बड़ा ब्रेक 1941 में ‘निर्दोष’ फ़िल्म से मिला और उनका पहला गाना ‘दिल जलता है तो जलने दे’ था। मुकेश ने ‘अनाड़ी’ फ़िल्म के लिए फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार और ‘रजनीगंधा’ फ़िल्म के लिए राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार जीता। 27 अगस्त 1976 को अमेरिका में दौरे के दौरान दिल का दौरा पड़ने से उनकी मृत्यु हो गई। वही किशोर कुमार जो कि मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में जन्मे थे जिन्होंने अपनी मधुर आवाज से लगभग 2500 गाने गाए और कई भारतीय भाषाओं में अपनी आवाज़ दी. अपनी विशिष्ट गायन शैली और हास्य भूमिकाओं के लिए जाने जाते थे, कुमार ने 8 फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार जीते थे। यह कार्यक्रम उन्हीं को समर्पित था। भारत मे संगीत, ध्वनियों का एक सुसंगठित और लयबद्ध रूप है जो राग, सामंजस्य, लय और अभिव्यक्ति का एक संयोजन है। यह एक प्राचीन कला और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति है, जो सभी मानव समाजों में पाई जाती है। भारत में, संगीत का इतिहास वैदिक काल से जुड़ा है और यह ईश्वर-आराधना तथा धार्मिक अनुष्ठानों से प्रभावित रहा है। इसमें गायन, वादन और नृत्य शामिल हैं, और इसे शास्त्रीय संगीत, सुगम संगीत और लोक संगीत जैसे विभिन्न रूपों में बाँटा जा सकता है।

कार्यक्रम मे सभी गायक – गायिकाओं ने अपने मधुर आवाज का जादू बिखेरा और वातावरण को संगीतमय बनाया। गीतों में दर्द भरे गीत से लेकर सदाबहार और रोमांटिक गीतों की प्रस्तुति रही।

गायक – गायिकाओं में ये रहे शामिल

जहां एक ओर पहली बार मंच से प्रस्तुति देने वाली जान्हवी निगम, अनुराग एवं देवांश श्रीवास्तव और राज ने अपनी सुरीली आवाज़ से कार्यक्रम मे चार चाँद लगा दिये। वही अन्य गायक गायको ने भी अपनी आवाज से कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।ओंकार बर्मन, संजीव निगम “पथिक”, क्रिस्टी अब्राहम,  उमा मधुकर, अजय श्रीवास्तव, संजय श्रीवास्तव, सुब्रमण्यम, ब्रह्मसिंह देव सिंह बघेल, चंद्र शेखर ढंड, निर्मल श्रीवास्तव, मनीष द्वीवेदी, डॉ. उमेश नामदेव, राहुल सांडिल्य,  निधी भारती, दीपचंद, रविंद्र वैध, रविंद्र गुप्ता, सत्यप्रकाश राजवानी, धर्मेंद्र नामदेव, अजय विजरा, विनोद शर्मा, शेन फिलिप्स एवं जान्हवी निगम।

संगीत कार्यक्रम का मंच संचालन क्रिस्टी अब्राहम, ओंकार बर्मन और संजीव निगम पथिक ने किया, वही आभार संजीव निगम “पथिक” द्वारा किया गया।

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