जयसिंहनगर में सियासी गैस का दबाव बढ़ा,बुलावा सिर्फ अपनों को!
शहडोल (संजय गर्ग) । राजनीति की रसोई में नमक ज़्यादा पड़ गया है जनाब! महिला मंडल की अध्यक्ष क्या बनीं, पुराने नेताओं के पेट में ऐसी मरोड़ उठी कि शासकीय कार्यक्रमों में अब बुलावे की थाली से उनका नाम ही गायब कर दिया गया है।
बताया जा रहा है कि अध्यक्ष की बढ़ती सक्रियता और जनता से मेल-जोल देखकर कुछ वरिष्ठ अनुभवी चेहरे अचानक अति अनुभवशील हो गए हैं। अब आलम ये है कि मंच पर सीटें कम और साजिशें ज़्यादा नज़र आती हैं।
कार्यक्रमों में अब बुलावा केवल उन्हीं को जाता है जो भाई-भाई और साहब-साहब में फर्क नहीं करते। महिला मंडल अध्यक्ष को तो जैसे अदृश्य सूची में डाल दिया गया है।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि भाजपा के नाम पर अंदर अपना-पना ज़्यादा चल रहा है। महिला सशक्तिकरण की बातें मंच पर होती हैं, और मंच से उतरते ही माइक ऑफ करके मुँह ऑन हो जाता है।
अब देखना ये है कि इस सियासी कड़ाही में कौन तलेगा और कौन पलटेगा, लेकिन इतना तय है जयसिंहनगर में महिला मंडल की कुर्सी अब सिर्फ एक पद नहीं, ईर्ष्या और राजनीति का टेस्ट केस बन चुकी है।
