S.K. Paswan
ब्रेकिंग न्यूज़
शहडोल : मांगते रहे परमिशन नहीं दिखाई आईडी......?? कहा कहीं भी घुस सकते हैं ,परिवार वालों ने लगाया आर... शहडोल/ जयसिंहनगर : आरोपों के बीच उबजे सवाल .... नाम राम का काम शैतान का???? शिकायत लेकर महिला पहुंची... शहडोल : सेवा ही संकल्प अभियान-2026’ के अंतर्गत बाणगंगा विराट मंदिर में ‘आशीर्वाद का दिया’ कार्यक्रम ... शहडोल : खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन को लेकर बैठक संपन्न शहडोल : राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान को किया नमन , विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग में... शहडोल : छात्रहित की समस्याओं को लेकर एनएसयूआई ने किया जोरदार प्रदर्शन, कुलपति  के नाम सौंपा ज्ञापन शहडोल : मनोज टीवीएस में गणेश उत्सव की धूम नगद छूट के साथ गिफ्ट हैम्पर शहडोल : जल्द ही घर-घर विराजेंगे श्री गजानन ,विघ्नहर्ता की आकर्षक प्रतिमाओं से नगर की बढ़ी रौनक, चौक-... शहडोल : तलाब घोटाला भाग -4 ....... तिकड़ी की जोड़ी भ्रष्टाचार का इक्का , लघु तालाब में किस किसको ... जयसिंहनगर / शहडोल : तालाब की फाइल में किसके हस्ताक्षर? स्वीकृति से भुगतान तक किस-किस अधिकारी ने लगाई...

जयसिंहनगर : गांधी जी की माया पर कब्जा प्रथा की रीत , लगातार मामले एक पर भी नहीं कार्यवाही , आरोप : राजस्व की जवाबदेही पर कब्जाधारी लील रहे शासन कि जमीन , राजस्व कर्मी के बचकाने कथन पोत रहे जिम्मेदारों के मुंह पर कालिख,

0 415

गांधी जी की माया पर कब्जा प्रथा की रीत , लगातार मामले एक पर भी नहीं कार्यवाही ,

आरोप : राजस्व की जवाबदेही पर कब्जाधारी लील रहे शासन कि जमीन , राजस्वकर्मी के बचकाने कथन पोत रहे जिम्मेदारों के मुंह पर कालिख, 

जयसिंहनगर। एक के बाद एक कब्जे इस बात का प्रमाण है की शासन द्वारा राजस्व विभाग को भूमि अधिग्रहण एवं उसके संरक्षण हेतु जो जिम्मेदारी विभाग को सौंपी गई है। उसमें कहीं ना कहीं राजस्व विभाग के कर्मचारी की जवाबदेही भूमि के संरक्षण की तो नहीं दिखती बल्कि इसके विपरीत हटकर एक के बाद एक कब्जे कब्जा प्रथा के रीत को बढ़ावा देने का किंचित मात्र उदाहरण पेश करती है।
जिसका सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र जयसिंहनगर राजस्व इन दिनों दिखाई पड़ता है जहां पर नजर दौड़ाएं तो जयसिंहनगर में करकी के 1539/1/1 स्कूल की भूमि और फिर इसी तरह ग्राम पंचायत ढोलर में प्रधानमंत्री सड़क मोहनी पहुंच मार्ग पर स्थित मध्य प्रदेश शासन की 17/1 खसरा रकवा 1.609 हे. भूमि पर अवैध कब्जे का खेल चल रहा है।
और इन सभी कब्जो के मामले मैं कब्जाधारी बेखौफ होकर निर्माण कार्य कर शासन की जमीन लील रहे हैं। जिस पर राजस्व विभाग की कौन सी जवाबदेही तय होती है। यह आप बेहतर समझ रहे होंगे।

करकी में विजय , ढोलर में माधव का कब्जा 

जयसिंहनगर राजस्व में बढ़ते कब्जे के मामले कहीं ना कहीं जिम्मेदारों की जवाबदेही पर सेटिंग जुगाड़ जैसे प्रश्न खड़े कर रहे हैं इसका कारण यह भी है कि इन अवैध कब्जों पर जयसिंहनगर राजस्व की कार्यवाही की कलम लकवा ग्रसित हो गई है। इस पर कोई संदेह नहीं है जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण जयसिंहनगर में समिति की भूमि वहीं इस क्षेत्र में करकी के अंतर्गत प्राथमिक शाला की भूमि पर अवैध कब्जा और उसके बाद हाल ही में मध्य प्रदेश शासन की ग्राम पंचायत ढोलर में स्थित खसरा 17 / 1 रखवा 1.69 हेक्टर के अंश भाग पर माधव साहू का अवैध कब्जा यह सारे कब्जे यह दर्शाते हैं कि जयसिंहनगर राजस्व इन दिनों धृतराष्ट्र बनकर अपनी स्वयं की जवाब देही तय करते हुए कब्जे प्रथा को बढ़ावा दे रही है। ऐसा सूत्रों का कहना है।

क्या???राजस्व जिम्मेदारों के खजांची बने पटवारी
सूत्रों के हवाले से यह भी खबर सामने आ रही है कि यह जितने भी कब्जे हो रहे हैं एक बड़ी सोच समझ पैटर्न के तहत इस पर भ्रष्टाचार की लेख लिखी जा रही है जिस पर कब्ज करो शिकायत होने पर जांच का ढोंग रचाओ और फिर सेटिंग कर माल कमाओ ।
हालांकि सूत्रों का यह दावा कितना सच है इस पर एमपी आयुष न्यूज़ कोई टिप्पणी नहीं करता।
लेकिन एक ही क्षेत्र में इतने कब्जे इस बात को इनकार करने का भी सवाल पैदा नहीं करती है कि इन क्षेत्रों के अलग-अलग इलाकों में हो रहे कब्जो में पर्दे के पीछे पटवारी पूरा खेला -खेल रहे हैं। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि 30 दिसंबर 2025को ग्राम पंचायत ढोलर में चल रहे। माधव साहू के कब्जे की शिकायत जिला कलेक्टर को होती है।

 जिसको लेकर बीट के पटवारी काशी प्रसाद गुप्ता से मामले में संबंधित जानकारी व उनके कथन लेने के लिए बात होती है तो। उनके द्वारा कहा जाता है कि हां वहां पर अवैध कब्जा चल रहा है। और अभी तक हमने उसे पर कोई कार्रवाई नहीं की। यह पूछने पर की क्या कार्रवाई होगी या नहीं पटवारी का बचकाना बयान सामने आता है जिससे वह कहते हैं कि मैं तो 20 तारीख से लेकर 5 तारीख तक छुट्टी पर चल रहा हूं देखते हैं क्या कर सकते हैं। मैंने निरीक्षण किया था कब्जा हो रहा है।
तो सवाल यह है कि यह जानते हुए भी की अवैध कब्जा चल रहा है उसे पर रोक लगाने के बजाय उसे संरक्षण देने का काम जयसिंहनगर राजस्व के द्वारा क्यों किया जा रहा है क्या यह मेरा मन मेरी मर्जी वाली कहानी है या गांधी जी की माया?????? यह सवाल बना हुआ है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.