S.K. Paswan
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शहडोल / जयसिंहनगर : स्टेक और गुणवत्ता की हो जांच , बसही उपार्जन केंद्र में गंगाधर ही शक्तिमान वाली कहावत होती चरितार्थ

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स्टेक और गुणवत्ता की हो जांच , बसही उपार्जन केंद्र में गंगाधर ही शक्तिमान वाली कहावत होती चरितार्थ

शहडोल / जयसिंहनगर। जिले में चल रहे धान खरीदी केंद्रों में शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों पर कई उपार्जन केन्द्र सक्रियता से कार्य कर रहे हैं तो वहीं कुछ ऐसेभी है जो मनमाने तौर पर खरीदी करने पर आतुर है। इन्हीं में से एक सेवा सहकारी समिति मर्यादित खैरा विकासखंड ब्यौहारी के खरीदी केंद्र बसही क्रमांक 1 विकासखंड (जयसिंहनगर) में खरीदी की पारदर्शिता धान की गुणवत्ता के साथ-साथ किसानों के लिए सुविधाओं कि सुनिश्चितता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

 किसानों के लिए मूलभूत सुविधाओं का भाव

सहकारी समिति खैरा के खरीदी केंद्र बसही क्रमांक 1 में किसानों के लिए केंद्र में ना तो कैंटीन की व्यवस्था कराई गई है। और ना ही शुद्ध पेयजल की व्यवस्था कराई गई है शुद्ध पेयजल के नाम पर विधायक निधि के टैंकर का पानी किसान पीने को मजबूर है। 

 शिकायत निवारण व्यवस्था के पटल पर नहीं है पूर्ण जानकारियां

धान उपार्जन केंद्र बसही क्रमांक 1 पर जिसकी खरीदी धान उपार्जन केंद्र उफरी के भवन में स्थित यार्ड में चल रही है जहां पर व्यापक तौर पर अनियमितता परिलिक्षित है । यहां पर शिकायत निवारण व्यवस्था के पटल पर ना तो जिला स्तरीय कंट्रोल रूम नंबर दर्ज किया गया और ना ही उक्त पटल पर राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम नंबर दिया गया है साथ ही नोडल अधिकारी का नाम भी पटल से छूमंतर है। जो कि कहीं ना कहीं इस केंद्र में बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है। 

 खरीदी में गोलमाल 

बसही क्रमांक 1 के उपार्जन केंद्र प्रभारी गोविंद सिंह , एवं सेवा सहकारी समिति खैरा के प्रबंधक ) के देख रेख मे चल रही बसही उपार्जन केंद्र में अवस्थाओं और धान खरीदी में शासन के तय मापदंडों के विपरीत निम्न स्तर की धान क्रय की गई है। उपार्जन केंद्र में रखी बोरियों में रखी धान गुणवत्ता विहीन है। जिसके लिए समर्थन मूल्य पर खरीदी करने के लिए शासन निर्देशित नहीं करता ।

 पारदर्शिता पर लगा बट्टा 

उपार्जन केंद्र बसही के प्रभारी गोविंद सिंह पर इस पूरे धान खरीदी में गंगाधर ही शक्तिमान हैं वाली कहावत फिट बैठती हुई नजर आ रही है। हमारी टीम द्वारा उक्त खरीदी केंद्र का निरीक्षण किया गया निरीक्षण के दौरान यह सारी अनियमिताएं वहां पर दिखती हुई नजर आई। जिस पर केंद्र प्रभारी से प्रश्न करने पर पता चला कि केंद्र प्रभारी और सर्वेयर दोनों एक ही व्यक्ति है। जिस पर हमारी टीम ने केंद्र प्रभारी से धान की गुणवत्ता शासन के मापदंडों के अनुरूप है या नहीं और धान खरीदी में पारदर्शिता को लेकर प्रश्न किया गया तो। कैमरे के सामने केंद्र प्रभारी गोविंद सिंह प्रश्नों का उत्तर नहीं दे सके। तो यहां सवाल यह उठता है कि जब केंद्र प्रभारी और सर्वेयर दोनों एक ही व्यक्ति है। और मजे की बात तो यह है कि उक्त व्यक्ति को यह नहीं मालूम की शासन ने किस स्तर की धान को समर्थन मूल्य पर खरीदी करने के लिए निर्देशित किया है तो वह कितने अच्छे से धान की क्वालिटी चेक करेंगे। 

यह भी विचारणीय 

पूरे मामले का विचारणीय पहलू यह है कि जब सभी धान खरीदी केंद्रों में सरवर की नियुक्ति अलग से की गई है तो इस धान खरीदी केंद्र पर आखिर ऐसा  क्या कारण है जिसकी वजह से केंद्र प्रभारियों को ही सर्वेयर बनाया गया है।यह तो वही बात हो गई की शिक्षक भी वह खुद है विद्यार्थी भी खुद है जो खुद ही परीक्षा देकर खुद की कॉपी जांचेगा। ऐसे में शासन की पारदर्शिता समझी जा सकती है। 

 जांच की उठती मांग स्वत: ही सत्यापित होंगी चीजें

वही इस पूरे मामले में खरीदी केंद्र प्रभारी एवं सहकारी समिति खैरा के प्रबंधक की जवाबदेही तय करते हुए। कार्यवाही करने की मांग तेजी से उठ रही है।

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