बुढ़ार / जैतपुर : सुस्त अफसर शाही की सेज पर सज रहा मौत का फरमान ,रोड पर बैठकर धड़ल्ले से प्रैक्टिस (डॉक्टर बंगाली) झोलाछाप चिकित्सक बने आफत ,
सुस्त अफसर शाही की सेज पर सज रहा मौत का फरमान ,
रोड पर बैठकर धड़ल्ले से प्रैक्टिस (डॉक्टर बंगाली) झोलाछाप चिकित्सक बने आफत ,
बुढार। झोलाछाप चिकित्सक लगातार बुढार विकासखंड के अंतर्गत जैतपुर क्षेत्र में सक्रिय हैं। धड़ल्ले से में रोड पर बैठकर प्रैक्टिस कर रहे। क्षेत्र में *(डॉक्टर बंगाली)* के नाम से प्रसिद्धि प्राप्त धनंजय मजूमदार जिनका ठिकाना देसी व विदेशी शराब दुकान के जस्ट सामने हैं। और रोशन पनिका मानो जिले के स्वास्थ्य अमले को खुली चुनौती दे रहे हैं लेकिन अफसर साहबो की व्यस्तता या कहिए सुस्तुता ऐसी है कि जैसे माघ से जूड़।
ज्ञात होगी आज से कुछ सप्ताह पहले हमने आपको जैतपुर क्षेत्र में सक्रिय दो झोलाछाप चिकित्सकों के बारे में बतलाया था।
जो कि पूरे क्षेत्र में बगैर डिग्री के ही बोतल और इंजेक्शन लगाकर क्षेत्र के लोगों से लोगों से इलाज के नाम पर मोटी रकम फीस के नाम पर वसूल रहे हैं।
जिस पर खबर प्रकाशन करने के पश्चात यह प्रयास लगाए जा रहे थे कि कहीं ना कहीं जिले का स्वास्थ्य अमला या कहीं क्षेत्र का स्वास्थ्य विभाग सक्रिय होकर पूरे मामले को संज्ञान में लगा लेकिन लगातार इन झोलाछाप चिकित्सकों को अभय दान देकर स्वास्थ्य विभाग अपनी पीठ थपथपाने में लगा हुआ है।
वहीं दूसरी और जान चर्चाओं एवं अपुष्ट सूत्रों की माने तो जैतपुर क्षेत्र में में रोड पर प्रैक्टिस कर रहे धनंजय मजूमदार और रोशन पनिका दोनों ही बिना डिग्री के अवैध रूप से क्षेत्र में इंजेक्शन बोतल का कार्य संपादित कर रहे हैं।
सवाल यह है कि लगातार इस प्रकार के झोलाछाप चिकित्सक जहां एक तरफ इलाज के नाम पर पैसे वसूल रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर क्षेत्र के लोगों की जान से खिलवाड़ भी कर रहे हैं।
मॉनसून सीजन में किसी बिग बॉस्केट सेल की तरह उनके क्लीनिक पर मरीजों की लाइन लगने लगती है।
लेकिन बिना डिग्री के प्रैक्टिस कर रहे यह लोग कहीं ना कहीं क्षेत्र के लोगों की जान का सौदा भी बन सकता है।
वही संबंधित विषय को लेकर विभागीय अमला बैक फुट पर नजर आ रहा है जहां करवाई तो दूर मामला उनके संज्ञान में नहीं पहुंच रहा। और अगर ऐसा ही चला रहा तो कहीं ना कहीं यह कहना गलत नहीं होगा की सुस्त अफसरशाही की सेज पर क्षेत्र के लोगों का मौत का फरमान भी जल्द ही सुनने में आएगा।
इनका कहना
संबंधित विषय को लेकर जब जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से संपर्क किया गया तो किसी कारणवश उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। जिससे उनकी प्रतिक्रिया प्राप्त नही हो सकी।
राजेश मिश्रा ( सीएमएचओ) शहडोल ।
===================================
वही संबंध में जब बुढार विकासखंड के चिकित्साधिकारी से संपर्क किया गया तो फोन लगाने पर उनका वॉइस मेल ऑन हो गया। जिससे उनकी प्रतिक्रिया आप्राप्त है।
सचिन करकूरे ( बीएमओ) बुढार ।
