शहडोल: पत्रकार जुनैद खान ने अपने जन्मदिन पर स्वर्गी माता पिता के नाम से फातिया व पूजा करा के कई जगह गरीबो को बांटा खाना
शहडोल । कहते हैं कि भूखे को खाना और प्यासे को पानी पिलाना यह ईश्वर की सबसे बड़ी इबादत में से एक है वैसे भी हर धर्म मजहब संप्रदाय के पवित्र ग्रंथों ने भी यही संदेश दिया है कि दीन दुखियों की मदद करो गरीब,बेसहारा,असहाय लोगों के काम आओ वगैरह-वगैरह। समाज में निवास करने वाले दर्जनों समाजसेवियों द्वारा विभिन्न स्थानों व हिस्सों में निश्चित ही अपनी अपनी क्षमता के अनुरूप समाज सेवा के रूप मे कोई न कोई सकारात्मक कार्य किए जाते रहते हैं जो वाकई सराहनीय है। इसी कड़ी में एक बेहतर समाजसेवी के रूप में विगत चार-पांच वर्षों से नगर में निवास करने वाले संवेदनशील पत्रकार जुनैद खान द्वारा भी गरीब,बेसहारा असहाय लोगों की मदद में तत्परता के साथ अपनी सेवाएं दी जा रही है हालांकि अपनी इस समर्पण सेवा को कभी भी कैमरे अथवा अखबार के बीच में उन्होंने नहीं लाना चाहा किंतु बीते दिवस 25 दिसंबर को उनके द्वारा अपने कुछ इष्ट मित्रों के साथ मिलकर नगर के विभिन्न हिस्सों में गरीबों को जो सेवाएं दी गई वह वाकई में काबिले तारीफ था जिसे देखते हुए नगर में निवास करने वाले लोगों ने भी उक्त कार्य की काफी सराहना की। बता दें कि उस दिन पत्रकार जुनैद खान का जन्म दिवस था और साथ ही उनकी माता स्वर्गीय मेहरून निशा खान व पिता स्वर्गीय अब्दुल गफूर खान जी के याद में जुनैद खान द्वारा शाम लगभग 8:00 बजे से रात्रि के 12:00 बजे तक नगर के विभिन्न स्थानों जैसे रेलवे स्टेशन परिसर बस स्टैंड जिला चिकित्सालय सहित नगर के कई हिस्सों व सड़कों के किनारे सोए पड़े लोगों व जरूरतमंदों को उन्होंने पेट भर भोजन के साथ ही कंबलो का वितरण किया उक्त सराहनीय कार्य के विषय में जब जुनैद खान से हमने बात की तो सर्वप्रथम तो उन्होंने इसे समाचार बनाने से इंकार कर दिया पर दूसरे पहलू पर हमने जब जोर दिया तब उन्होंने भी हमारी बातों में हामी भरी।निवेदन करते हैं प्रार्थना करते हैं गुजारिश करते हैं कि समाज में निवास करने वाले हर एक परिवारो के सदस्यों में कभी ना कभी किसी न किसी का कवि जन्मदिन,कभी शादी की सालगिरह,तो कभी कुछ खुशियों के दिन आते ही होंगे और ऐसे में निश्चित ही पूरे धूमधाम से अपने घरों,ढाबों व रेस्टोरेंट में हम अपने परिवार व मित्रों के साथ खुशियां जाहिर करते हैं ठीक है वह आपकी स्वतंत्रता है और आपका अपना अधिकार भी किंतु हम आपसे यह आग्रह करते हैं कि समाज में रहने वाले कई ऐसे सैकड़ों गरीब व बेसहारा लोग हैं यदि हम और आप उनके साथ मिलकर अपनी खुशियों का इजहार कर उन्हें भी अपने खुशियों में शरीक करें तो कितना बेहतर होगा इससे और जरूरतमंदों को भी हमारी ओर से सेवाएं मिल जाएंगी और हम अपने नैतिक दायित्व इंसानियत और मानवता का भी एक मिसाल पेश कर सकेंगे।उक्त बेहतर कार्य के लिए जुनैद खान ने कहा कि ऐसा करने पर मुझे बड़ी आत्मिक संतुष्टि मिली लोगों से आग्रह करता हूं कि मैं भी अपने समय और धन का उपयोग अपनी खुशियों को जरूरतमंदों के बीच जरूर साझा करें। भोजन व कंबल एवं अन्य वस्तुओं के वितरण करते वक्त जुनैद खान के साथ एपीआर न्यूज के पत्रकार श्याम दास मानिकपुरी समाजसेवी आजाद उर्फ राजू समाजसेवी सार्थक समाजसेवी साजन समाजसेवी धनंजय समाजसेवी साजिद सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।
