S.K. Paswan
ब्रेकिंग न्यूज़
जैतपुर / बुढार : कुंभकर्णी निद्रा में स्वास्थ अमला , बड़ी दुर्घटना के इंतजार में जिम्मेदार ,क्षेत्र ... शहडोल : पुलिस बल को जनता से बेहतर संवाद स्थापित कर संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के पुलिस अधीक्षक ने... शहडोल : राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से अलंकृत अरुण मिश्र हुए सेवानिवृत्ति , समारोह में विभागीय अधिकारी ए... शहडोल / जैतपुर : एकलव्य आवासीय विद्यालय में आयोजित हुआ नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम उमरिया : अतिथि शिक्षक की भर्ती को लेकर शाहपुर हायर सेकेण्डरी में बवाल , नियम अनुसार समय पर भर्ती न क... शहडोल : मां काली मंदिर सिंहपुर बना लोक न्यास, सर्वसम्मति से गठित हुई पहली कार्यसमिति ,एसडीएम लोक न्य... शहडोल : शिष्यों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार एमएलबी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मनाया गया गुरू पूर्... शहडोल / गोहपारू : जनपद सीईओ का दवा नहीं हुआ भ्रष्टाचार स्थानांतरण के बाद भी जम गया जुगाड़ , रोड के स... जैतपुर / शहडोल : तो क्या पुरन कि गुंडागर्दी पर कानून के रखवालो का है नरम रुख , पुलिस अधीक्षक से शिका... शहडोल: शहडोल का जेन जी कल होगा सड़को पर ....... छात्र हित के समर्थन पर   युवाओं का हल्ला बोल, अत्यधि...

शहडोल : विश्वविद्यालय की भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ छात्र संगठनों की आवाज स्वागत योग्य : कैलाश तिवारी

0 243

विश्वविद्यालय की भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ छात्र संगठनों की आवाज स्वागत योग्य : कैलाश तिवारी

शहडोल (संजय गर्ग)। पंडित शंभू नाथ शुक्ला विश्वविद्यालय की भ्रष्ट्र व्यवस्था के खिलाफ छात्र संगठन ,अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एवं नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया सहित अनेक नौजवानों ने जो आवाज उठाई है उसका स्वागत करते शासकीय महाविद्यालय शहडोल के पूर्व अध्यक्ष कैलाश तिवारी ने कहा है कि भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ हमेशा आवाज उठाना चाहिए।
कैलाश तिवारी ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने  क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति छात्रों सहित सभी के लिए पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय की स्थापना कर कल्पना की थी की संभाग में शिक्षा का स्तर मैं सुधार होगा और यहां के छात्र राष्ट्रीय स्तर पर नाम। कमायगे आएंगे। लेकिन जब विश्वविद्यालय की परीक्षाएं ही भगवान भरोसे चल रही हो तो ऐसे में छात्रों के भविष्य का अंदाजा लगाया जा सकता है।
कैलाश तिवारी ने कहा है कि छात्र संगठनो ने जो आंदोलन का शंखनाद किया है। उसको लगातार जारी रखना चाहिए क्योंकि जो विश्वविद्यालय प्रशासन है। वह इतनी जल्दी अपनी भ्रष्ट व्यवस्था को बदलने वाला नहीं है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.