S.K. Paswan
ब्रेकिंग न्यूज़
शहडोल :गरीब और मध्यमवर्गी लोगों के लिए कहीं सपना तो नहीं हो जाएगी मिठाई , त्योहारों की सेज पर महंगाई... शहडोल : स्थल से गायब सूचना पटल , निर्माण कार्य में लग रहे रेत की वैध टीपी पर भी उठे सवाल ,एक करोड़ 5... शहडोल / जयसिंहनगर :तत्कालीन एपीओ की जांच , बनी सवाल ?? ,आखिर कैसे मीना के नाम पर तालाब स्वीकृत कराकर... शहडोल / गोहपारु : 3 वर्षों से लगातार बोर्ड परीक्षा में रहे शत प्रतिशत परिणाम , जन विश्वास अभियान के ... पाली: पाली-नौरोजाबाद की बदहाल हाईवे सड़क पर युवा टीम उमरिया का बड़ा कदम, एसडीएम को सौंपा पत्र शहडोल : विधायक  जयसिंह  ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय जैतपुर का किया आकस्मिक निरीक्षण शहडोल : हर - हर महादेव के जयकारे से गुंजा शहडोल नगर , भक्तों ने निकाली महादेव की भव्य कावड़ यात्रा ,... रसमोहनी : राष्ट्रध्वज को सलामी देकर , वंदे मातरम एवं भारत माता की जय के लगाए नारे , शासकीय उच्चतर मा... शहडोल / जयसिंहनगर : सचिव पति ने पत्नी के नाम से ही स्वीकृत करा लिया लघु तालाब सचिव पत्नी , मीना के न... बुढ़ार / जैतपुर : सुस्त अफसर शाही की सेज पर सज रहा मौत का फरमान ,रोड पर बैठकर धड़ल्ले से प्रैक्टिस (...

शहडोल :गरीब और मध्यमवर्गी लोगों के लिए कहीं सपना तो नहीं हो जाएगी मिठाई , त्योहारों की सेज पर महंगाई की मार , आसमान छूते दाम कर सकते हैं आपकी खुशियों को फीका

0 14

गरीब और मध्यमवर्गी लोगों के लिए कहीं सपना तो नहीं हो जाएगी मिठाई ,

त्योहारों की सेज पर महंगाई की मार , आसमान छूते  दाम कर सकते हैं आपकी खुशियों को फीका

शहडोल (संजय गर्ग)। इन दिनों देश में चीनी का मुद्दा गर्माया हुआ है लगातार चीनी की बढ़ती कीमतों ने जिस प्रकार से गरीब और मध्यम वर्गी लोगों के जेब पर डाका डाला है उसे देखकर ऐसा लगता है कि इस त्यौहार के सीजन में मिठाइयां सपना बनकर रह जाएगी।
हालांकि केंद्र सरकार का यह दावा है कि जिस चीनी को हम निर्यात करते थे। अब उन्हें हम विदेशों से आयात करेंगे।
जो चीनी कभी ₹20 प्रति किलो से लेकर 30 से ₹35 प्रति किलो के दर से मार्केट में बेची जाती थी।
2014 के बाद वैसे थे 35 से 48 और फिर 2026 तक आते-आते 48 से सीधा 70 के पार पहुंचने को है।
हमें इतिहास नहीं भुलना चाहिए। जिस प्रकार इस देश की राजनीति में प्याज के बढ़ते दामों ने सत्ता पलट कर दिया था क्या एक बार फिर 2026 में या यू कहें 2029 तक यह काम अब चीनी कर दिखाएंगी। यदि यही हाल रहा आया तो ।

खाद्य़ तेल व चीनी जैसे रोजाना इस्तेमाल होने वाली चीजों के बढ़ते दाम
खाद्य पदार्थ जैसे खाद्य़ तेल , चीनी , दाल , चावल , आटा , एवं लोगों के घरेलू उपयोग में आने वाली हर एक खाद्य पदार्थ की कीमत बढ़ती जा रही है।
जहां एक तरफ जीएसटी और सीजीएसटी ने मध्यम वर्गी परिवारों के बजट को हिला दिया। वही अब इस त्यौहार के सीजन में अनेक प्रकार के खाद्य पदार्थों के नाम बढ़ गए हैं।

ऐसे में इन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

लेकिन सवाल यह है कि यह महंगाई आखिर दिन-ब-दिन कैसे बढ़ रही है। और इसका जिम्मेदार कौन है।

और आखिर वह कौन लोग हैं जो 56 इंच की सरकार में चीनी समेत अन्य खाद्य पदार्थों की कालाबाजारी कर रहे हैं।

वहीं चीनी की बढ़ती कालाबाजारी के चलते मिठाइयों के दामों में वृद्धि होती जा रही है।

मध्य वर्गी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही बढ़ती महंगाई

भारत सरकार के पीईबी के 2026 के रिपोर्ट के अनुसार 31% लोग मिडिल क्लास के दायरे में आते हैं या नहींभारत की करीब 146 करोड़ आबादी में लगभग 45 करोड़ लोग मिडिल क्लास के आसपास आते हैं। यदि सरल भाषा में समझा जाए तो भारत में हर तीन में से एक व्यक्ति मिडिल क्लास की कैटेगरी में आता है।
ऐसे में सरकार को यह सोचना चाहिए कि महंगाई को नियंत्रित किया जाए।
खासकर उन चीजों के दाम कम रखे जाएं जो रोज मर्दा की जिंदगी में लोगों के काम आती है।
क्योंकि वर्तमान समय में लोगों की जेब का बजन से ज्यादा लोगों के किचन का बजट है।
फिलहाल तो यही कहेंगे कि यदि आप त्यौहार के सीजन में मिठाइयां या फिर राशन का सामान लेने जा रहे हैं तो अपनी जेब को जरा भारी रखिएगा साहब !

Leave A Reply

Your email address will not be published.