ब्यौहारी: सत्ता के नशे में चूर प्रभारी मंत्री पटेल ने दिखाए अपने तेवर , कब होगी सुनवाई आखिर कब – तक भटकेगा पीड़ित भाई
सत्ता के नशे में चूर प्रभारी मंत्री पटेल ने दिखाए अपने तेवर
कब होगी सुनवाई आखिर कब – तक भटकेगा पीड़ित भाई
ब्यौहारी/ शहडोल (संजय गर्ग) । मामला ब्यौहारी जनपद समीप वार्ड नंबर 9 में स्थित विवादित पेट्रोल पंप की भूमिका है। जहां पर आए दिन पीड़ित राकेश मिश्रा ( बबलू) अपने समस्या के निदान के लिए कहीं पुलिस तो कहीं जनप्रतिनिधियों के आगे पीछे भागता फिर रहा है।
मगर आलम यह है कि इतने वर्षों से चला आ रहा पुश्तैनी विवादित भूमि जिस पर आज पेट्रोल पंप कोर्ट में स्टे लगने के बावजूद भी एनओसी जारी कर संचालित किया जा रहा।
एवं एनओसी में उल्लेखित सर्त क्रमांक 2 का पालन नहीं किया जा रहा है। जिसे लेकर पीड़ित ने
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ब्यौहारी आने के पूर्व, तैयारियों का जायजा लेने आए प्रभारी मंत्री पटेल
के समक्ष फरियादी ने अपनी समस्या मंत्री को बताई जिसे लेकर मंत्री का भेरू का बर्ताव सामने देखने को मिला फरियादी की समस्या का निदान करने के बजाय प्रभारी मंत्री पटेल ने उन्हें डांट फटकार कर किनारे कर दिया।
फरियादी ने बताया कि वह एनओसी जारी करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही चाहता है लेकिन यह सब सुनने के बजाय उल्टा उसे ही पुलिस हिरासत में ले लेती है।
मंत्री का ऐसा बर्ताव उचित या अनुचित
कहते हैं कि जनप्रतिनिधि जनता की आवाज को उठाने के लिए बने होते हैं लेकिन सालों से न्याय के लिए भटक रहे फरियादी को न्याय दिलाना तो दूर फरियादी की बात को सुनना भी मंत्री पटेल ने जरूरी नहीं समझा । उल्टा उसे डांट फटकार कर किनारे कर दिया और पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
इस पूरे प्रकरण में बड़ा सवाल यह उठता है कि प्रभारी मंत्री पटेल का इस प्रकार का बर्ताव कितना उचित है और कितना अनुचित।
शायद जिन जनप्रतिनिधियों को जनता अपने मतों के आधार पर चुनती वह वोट पाते ही अपने आपको जनता का मसीहा समझने लगते हैं।
जबकि एक जनप्रतिनिधि जनता की भलाई के लिए होता है।
पर शायद मंत्री जी इस बात से कुछ ज्यादा इत्तेफाक नहीं रखते।
वह कहते हैं ना की सत्ता का नशा सबसे बड़ा नशा होता है।
शायद इस पर ही प्रभारी मंत्री अमल कर रहे हैं तभी तो उन्हें गरीब फरियादी फरियाद उन्होंने सुनना जरूरी नहीं समझा।
वैसे भी जब से प्रदेश में कमल खिला है तब से मंत्री तो क्या एक वार्ड का पार्षद भी अपने आप को कलेक्टर से कम नहीं समझता । आप सोच सकते हैं कि जब एक वार्ड पार्षद का यह हाल है तो यह तो प्रभारी मंत्री है।
बरहाल मुद्दा यह है कि क्या वर्षों से चले आ रहे विवादित भूमि का निराकरण प्रशासन करेगी या नहीं या फिर इसी प्रकार जनप्रतिनिधि व पुलिस प्रशासन के दबाव में आकर फरियादी दम तोड़ देगा।
इनका कहना
मैं किसी के समस्याओं को सुना नहीं करता सब की समस्या सुनता हूं और यही कहता हूं कि अधिकारियों को निर्देश दिया जाए और कार्यवाही कराई जाए मेरे यहां से कोई भी खाली हाथ नहीं जाता सब आते हैं सब की समस्या सुनी जाती और निदान किया जाता है।
रामखेलावन पटेल प्रभारी मंत्री ( शहडोल ) । मध्यप्रदेश शासन
