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शहडोल :साहब इधर भी दीजिए ध्यान,  प्रशासन की अनदेखी से 2 वर्षों से 200 आदिवासी परिवार खुले आसमान के नीचे कर रहे बसेरा ,  क्या प्रधानमंत्री के आगमन से इन आदिवासियों का होगा कल्याण

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साहब इधर भी दीजिए ध्यान,

 प्रशासन की अनदेखी से 2 वर्षों से 200 आदिवासी परिवार खुले आसमान के नीचे कर रहे बसेरा ,

 क्या प्रधानमंत्री के आगमन से इन आदिवासियों का होगा कल्याण

ब्यौहारी / शहडोल (संजय गर्ग) । मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में एक जुलाई को देश ही नहीं विश्व के सर्वमान्य नेता भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन शहडोल जिले के में हो रहा है जिनका स्वागत के लिए जनता बेताब हैं और आदिवासी के घर में भोजन करने का आयोजन किया गया है और प्रधानमंत्री के आगमन पर ग्राम पकरिया में मुलभूत सुविधाओं को जन जन तक लाभ पहुंचाया जा रहा है।

एक तरफ देश यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आदिवासी के घर खाना खाने के लिए जा रहे हैं।

 उसी जिले में ब्योहारी नगर के वार्ड नंबर पांच मे लगभग दो सौ कोल परिवार खुले आसमान के नीचे रहने के लिए मजबूर 

 शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित आदिवासी

 वही शहडोल जिले अंतर्गत ब्योहारी नगर के वार्ड नंबर पांच मे विगत दो वर्षों से भगवान बिरसा मुंडा के बंशज कोल आदिवासी परिवार को घर से बेघर कर दिया गया और दो वर्ष से खुले आसमान के नीचे रहने के लिए मजबूर हैं पर शासन प्रशासन द्वारा दो वर्ष तक फरियाद करने के बाद भी शासन जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित है।

 मूलभूत सुविधाओं के दर-दर भटक रहे 

 यहां तक कि मध्यप्रदेश की सबसे लोकप्रिय लाड़ली बहना योजना का भी लाभ इन आदिवासी बहनों को नहीं मिल पा रहा है जिससे इन परिवार के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है अब देखने वाली बात होगी कि इन भगवान बिरसा मुंडा के बंशजो को कब तक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो पाती है और कब खुले आसमान के नीचे से इन परिवार को आवास की सुविधा उपलब्ध हो पाती है या नहीं।

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