शहडोल : विवादित भूमि को बेचकर योगेश ने लगाया 7 लाख का चूना , फरियादी ने लगाई महा निर्देशक से न्याय की गुहार
विवादित भूमि को बेचकर योगेश ने लगाया 7 लाख का चूना ,
फरियादी ने लगाई महा निर्देशक से न्याय की गुहार
शहडोल (संजय गर्ग) । यूं तो आए दिन भूमियों के क्रय विक्रय को लेकर ठगी व फर्जीवाड़े का मामला आए दिन खबरों की सुर्खियों में बना रहता है।
आजकल लोग सस्ती भूमियों के चक्कर में फस जाते हैं और उसे लेकर 420व ठगी का शिकार होते हैं ।
ऐसा ही एक मामला शहडोल मुख्यालय में सामने आया है।
जहां पर नगर पालिका क्षेत्र वार्ड नंबर 32 हल्का बलपुरवा न 76 खसरा नंबर 74 /1/3 का 1560 अर्थात वर्ग मीटर की भूमि को योगेश गुप्ता पिता बाल्मिक गुप्ता निवासी वार्ड नंबर 9 गंज रोड शहडोल के द्वारा उक्त विवादित भूमि को केदार सिंह पिता राम सिंह को विक्रय कर ₹7 लाख की ठगी की गई है।
यह पूरा मामला
जिसकी शिकायत 3 जुलाई को केदार सिंह पिता राम सिंह निवासी जिला पिथौरागढ़ उत्तराखंड जो कि भूतपूर्व सैनिक द्वारा पुलिस महानिदेशक कार्यालय में की गई है।
उक्त शिकायत में उल्लेख है कि योगेश गुप्ता पिता बाल्मिक गुप्ता के द्वारा शिकायतकर्ता को धोखे में रखकर वर्ष 2013 में नगर पालिका क्षेत्र वार्ड नंबर 32 बल पुरवा न 76 सोहागपुर मे स्थित भूमि खसरा नंबर 74/1/3 का अंश रखवा 1560 वर्ग फिट अर्थात 145.080 वर्ग फिट भूमि को अपना बता कर योगेश गुप्ता द्वारा शिकायतकर्ता को बेच दिया गया।
शिकायतकर्ता को लगाया लाखो का चुना
शिकायतकर्ता ने बताया कि योगेश गुप्ता को उसने ₹7लाख रुपए दिए हैं जिसमें से ₹3 लाख रुपए नगद एवं ₹2 लाख का चेक जिसका चेक क्रमांक 990764 9 सितंबर 2013 को दीया जिसके बाद 2 लाख रुपए का एक और चेक भारतीय स्टेट बैंक का उसी समय दिया गया था जिसमें अनुबंध की राशि ₹80,000 बकाया पंजीयन के सन में भुगतान का लेख है जिसका इकरारनामा स्टांप ड्यूटी क्रमांक 16AA 490847 में स्पष्ट उल्लेख है।
ऐसा शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत पत्र में उल्लेख किया है।
न्यायालय में चल रहा भूमि का प्रकरण
शिकायतकर्ता केदार सिंह द्वारा बताया गया कि योगेश गुप्ता के द्वारा भूमि में कब्जा दिलवाने एवं भूमि पर चारदीवारी करने के लिए प्रार्थी को बोला गया ।
प्रार्थी द्वारा भूमि पर बाउंड्री वॉल करवाने के लिए वहां गया तो देखा कि योगेश गुप्ता वहीं पर खड़ा है उसने प्रार्थी से कहा कि इसी भूमि पर नापाकर चार दिवार बनवा लो।
जैसे ही प्रार्थी ने भूमि पर निर्माण कराने के लिए मजदूरों से खुदाई शुरू करवाई तो उसी वक्त योगेश गुप्ता का चचेरा भाई मुकेश गुप्ता वहां पर आया और प्रार्थी को बताया कि यह भूमि विवादित है इसका केस न्यायालय में विचाराधीन है।
आप यहां पर निर्माण नहीं करवा सकते।
जिसके बाद प्रार्थी को पता चला कि उसके साथ ठगी हुई है।
पैसे देने में कर रहा आनाकानी
इसके बाद प्रार्थी ने जमीन के क्रय करता योगेश गुप्ता से भूमि ना लेकर अपने पैसे वापस मांगे जो ₹7 लाख रुपए उसने जमीन लेते समय योगेश गुप्ता को दिए थे।
लेकिन योगेश गुप्ता द्वारा चालाकी से यह कहकर कि अभी व्यवस्था नहीं है प्रार्थी को लटकाए रखा और उसका पैसा आज दिनांक तक वापस नहीं किया।
प्रार्थी द्वारा शिकायत करते हुए बताया कि क्योंकि वह उस समय सेना ड्यूटी में जम्मू-कश्मीर में सेवारत था छुट्टी ना मिलने के कारण वह बार-बार नहीं आ सकता था ।
उसने बताया कि योगेश गुप्ता के द्वारा उसके साथ धोखाधड़ी की गई है एवं बार-बार पैसे मांगने पर भी योगेश द्वारा पैसे नहीं दिए जा रहे हैं।
एक नहीं कई कारनामे योगेश के नाम
प्रार्थी द्वारा शिकायत करते हुए बताया गया कि योगेश गुप्ता के द्वारा एक नहीं ऐसे कई लोगों से विवादित भूमि को दिखाकर पैसे लिए गए हैं।
ऐसे में प्रार्थी केदार सिंह जो कि अब सेवानिवृत्त होकर उत्तराखंड में पैतृक गांव में निवासरत है और अपने माता-पिता की सेवा कर रहे हैं इस वजह से वह योगेश गुप्ता से पैसे लेने में असमर्थ हैं।
उन्होंने पुलिस महानिदेशक से शिकायत कर मांग की है कि।
जल्द से जल्द उन्हें न्याय दिया जाए।
अब देखना यह होगा कि क्या पुलिस महानिदेशक से प्रार्थी द्वारा लगाई गई न्याय की गुहार प्रार्थी को न्याय दिलाने में सक्षम होती है या नहीं।
