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शहडोल : हो जाएं सावधान रेलवे की कैंटिनो से , जान से ना करना हो खिलवाड़ तो जरा देख कर ले सामान , सुस्त पड़ी रेलवे अधिकारियों के कार्य प्रणाली ।

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हो जाएं सावधान रेलवे की कैंटिनो से ,
जान से ना करना हो खिलवाड़ तो जरा देख कर ले सामान ,

सुस्त पड़ी रेलवे अधिकारियों के कार्य प्रणाली ।

शहडोल (संजय गर्ग) । कहते हैं कि रेलवे के कानून सभी विभागों से अलग होते हैं साथी रेलवे हमेशा अपनी चुस्त व दुरुस्त कार्य प्रणाली के लिए जाना जाता है लेकिन संभाग का रेलवे विभाग कुछ और ही कहानी बयां कर रहा है।
आए दिन रेलवे स्टेशन में हर रोज हजारों यात्रियों का आवा गमन लगा रहता है। किंतु सवाल यह उठता है कि।
क्या रेलवे के चुस्त और दुरुस्त कानून बनाए गए किंतु उन नियमों का पालन स्वत ही रेलवे विभाग में पदस्थ वहां के अधिकारी व कनिष्ठ कर्मचारियों नहीं मानते हैं साथी नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं।
और यह सब करने की हिम्मत विभाग में पदस्थ अधिकारियों के सुस्त रवैया के कारण बढ़ता ही जा रहा है।
तो क्या इन पर कार्यवाही करना शासन प्रशासन का दायित्व बनता है या नहीं यह अपने आप में ही एक सवाल है।???
जिसका जवाब इस खबर को पढ़ने के बाद आपके अंदर भी उठ सकता है।
इन दोनों शहडोल रेलवे अपने नियम कानून नहीं बल्कि पेटी ठेकेदार विनोद सिंह के नियम कानून को मानते हुए चल रहा है।
सुनने में थोड़ा अजीब जरूर है किंतु यह सत्य है की वर्तमान में पेटी ठेकेदार विनोद के इशारे में शहडोल रेलवे के अधिकारी कार्य करते नजर आ रहे हैं तभी तो सरे आम कैंटिनो में सड़ा गला सामान बेचा जा रहा है किंतु शायद शहडोल रेलवे में बैठे वरिष्ठ अधिकारी अपनी आंख पर पट्टी बांधे हुए हैं।

आईए जानते हैं क्या है पूरा मामला

दरअसल हाल ही में ताजा मामला सामने आया है जहां पर शहडोल रेलवे स्टेशन के बाहर कैंटीन में संदीप कटारे ने रात्रि ने 12 बजे समय 11 सितंबर को स्टेशन के बाहर स्थित कैंटीन से एक मजा का छोटा पैकेट लिया जैसे ही कस्टमर के द्वारा मजा के पैकेट में पाइप डालकर पीने का प्रयास किया तो उसे पैकेट में चींटी व कीड़े पाइप के थ्रू ऊपर आने लगे जिसे देखकर कस्टमर व आसपास खड़े लोग दंग रह गए और जब उसने कैंटीन संचालक को कहा और पैकेट दिखाई तो कैंटीन संचालक का कहना था कि हम पैक सामान बेचते हैं हमें नहीं पता कि यह कैसे खराब निकल गई आप कंपनी में बोलो हमें नहीं इतना कहते ही संचालक द्वारा कस्टमर को भगाने का प्रयास किया गया वहां के आसपास के लोगों ने भी वीडियो बनाई और वीडियो में कैंटीन संचालक की हरकत कैद हो गई ।
इसके बाद संदीप कटारे ने संबंधित वीडियो को मीडिया कर्मियों के साथ साझा किया।
इसके बाद कैंटीन संचालक के द्वारा और भी माजा के पैकेट जो वह खराब थे और उसे बेचने के लिए उसने अपने दुकान में रखे हुए थे ।
उसे उसने काउंटर के नीचे छुपाने का प्रयास किया।
इसके पश्चात कस्टमर संदीप कटारे के द्वारा कोतवाली पुलिस को सूचना दी जिसके चलते सिटी कोतवाली में पदस्थ पुलिसकर्मी राकेश बागरी मौके पर पहुंचे और जब उनके द्वारा रेलवे कैंटीन संचालक से पूछा गया कि तुम सामान खराब बेच रहे हो तो उसने मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मी से अभद्रता करते हुए कहा की आपको इससे कोई लेना-देना नहीं है मेरी दुकान रेलवे के अंतर्गत आती है।

आरपीएफ से शिकायत पर नहीं हुई कोई कार्यवाही
इसके बाद कस्टमर संदीप कटारे के द्वारा आफ शहडोल को सारी घटना की जानकारी दी। किंतु आर पी एफ थाने के द्वारा भी तथाकथित कैंटीन संचालक के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की गई। आखिर क्यों??????

जांच का हवाला देकर क्या पल्ला झाड़ते अधिकार

जब इस पूरे प्रकरण को लेकर रेलवे शहडोल के सी एच आई से बात की गई तो उनका अटपटा बयान सामने आया।
आपके द्वारा इस मामले की वीडियो व जानकारी मूझे दी गई है मैं जरूर जांच कराकर कार्यवाही करूँगा,और जो ट्वीट किया गया है ऊपर बड़े अधिकारियों को उनके द्वारा भी जांच चल रही है।

पंकज कुमार गुप्ता,सी एच आई,रेल विभाग शहडोल

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