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शहडोल: बुढ़वा क्षेत्र में चल रहा तिकड़ी का खेल पुलिस प्रशासन को गुमराह कर सहकार ग्लोबल के खिलाफ रचा जा रहा षड्यंत्र

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बुढ़वा क्षेत्र में चल रहा तिकड़ी का खेल पुलिस प्रशासन को गुमराह कर सहकार ग्लोबल के खिलाफ रचा जा रहा षड्यंत्र

ब्यौहारी / शहडोल (संजय गर्ग) ।  एएसआई महेन्द्र बागरी की रेत माफियाओ द्वारा ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या किए जाने का मामला न सिर्फ सुर्खियों में है बल्कि जनाक्रोश का कारण भी बना हुआ है। आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि मामले को दिशाहीन करने की साजिश रची जाने लगी और रेत ठेकेदार कंपनी सहकार ग्लोबल लि. तथा कर्मचारियों का नाम घसीटा जाने लगा जबकि क्षेत्र ही नहीं जिला व संभाग के लोगों को भली-भांति मालूम है कि ब्यौहारी बुड़बा क्षेत्र में डेविड निशांत और रणबीर की तूती बोलती है और उनकी सरकार चलती है वरना क्या मजाल कि सहकार ग्लोबल के कर्मचारी पिट जाते।

बेगुनाहों की जिंदगी से खेलते खनिज माफिया

वास्तव में जरूरत वास्तविक अपराधियों की पहचान कर उन्हें दंडित किए जाने की है न कि आपसी रंजिश भुनाने और बेकसूरों को फंसा कर उनकी जिंदगी बर्बाद करने की है। ”
रेत के अवैध कारोबार के मामले में शहडोल जिला पिछले कई वर्षों से सुर्खियों में रहा है। यूं तो जिले में कई खदानें संचालित रही हैं लेकिन सोन घड़ियाल क्षेत्र रेत के अवैध कारोबार का मुख्य केंद्र रहा है जहां ब्यौहारी, बुड़वा, सीधी और रीवा ही नहीं सतना तक के रेत कारोबारियों का दखल और वर्चस्व देखा गया है। इन्हीं वर्चस्व शुदा कारोबारियों ने मनमानी तरीके से रेत का अवैध उत्खनन परिवहन कर लाखों करोड़ों की संपत्ति अर्जित की, इतना ही नहीं कई बेगुनाहों को बर्बाद किया जबकि कुछ को तो अपनी जिंदगी से भी हाथ धोना पड़ा है। मृतकों में पटवारी प्रसन्न सिंह और एएसआई महेन्द्र सिंह बागरी का नाम शामिल है।

पेटी कॉन्ट्रैक्ट ना मिलने पर कंपनी निकल रहे रंजिश

शहडोल जिले कि उत्तरी सीमा पर स्थित सोन घड़ियाल क्षेत्र सहित बुड़वा एवं ब्यौहारी की विभिन्न रेत खदानों से उत्खनन और परिवहन का कारोबार किन लोगों द्वारा वर्षों से किया जाता रहा है यह किसी से छिपा हुआ नहीं है। पूर्व में होता यह था कि जो भी बाहर बाहरी कंपनी रेत खनन का ठेका लेती थी वह इन्हीं वर्चस्व शुदा कारोबारियों को पेटी कॉन्ट्रैक्ट पर खदाने सौंप देती थी और वह अपने ढंग से मनमाने तौर पर रेत का अवैध उत्खनन परिवहन करते थे। मौजूदा समय में सहकार ग्लोबल लिमिटेड नामक कंपनी ने इन रसूखदारों को खदान सौंपने
के बजाय स्वयं ही खदाने संचालित करने का निर्णय लिया और कार्य आरंभ भी किया गया लेकिन उसके मार्ग पर नित नए रोड़े अटकाए जाते रहे यहां तक की कंपनी के कर्मचारियों को रात के अंधेरे में मारपीट कर वाहनों में तोड़फोड़ जैसी वारदात को भी अंजाम दिया गया।

क्षेत्र में फैली है तिकड़ी की दहशत
सूत्रों की मानें तो रेत माफिया के रूप में किसी डेविड नामक व्यक्ति द्वारा स्थानीय निशांत और रणबीर नामक व्यक्तियों के साथ मिलकर कारोबार संचालित किया जा रहा है। बताया जाता है कि इस तिकड़ी की सल्तनत ऐसी है कि पूरे इलाके में उनकी मर्जी के बिना पत्ता भी नहीं हिलता है। यदि कोई रेत खदान तक पहुंचना चाहे तो वह सामान्यतः नामुमकिन है यदि कोई भूले भटके पहुंच भी गया तो जिंदा लौटेगा या नहीं इस बात की कोई गारंटी नहीं है।

डेविड से सहकार कंपनी ने किया था किनारा

रेत कारोबार से जुड़े सूत्रों के हवाले से मिलने वाली जानकारी पर यदि यकीन किया जाए तो एएसआई महेंद्र सिंह बागरी की मौत के बाद सहकार ग्लोबल एवं उसके मैनेजर व कर्मचारियों का नाम उछाले जाने के पीछे एक बड़ी वजह है और वह यह है की रेत माफिया डेविड कहीं ना कहीं बीच में उक्त ठेकेदार कंपनी से भी मिला हुआ था। कालांतर में उक्त कंपनी द्वारा रेत माफिया से किनारा कर लिया गया जिसके कारण उसकी गणित बिगड़ती नजर आई और इसी दौरान महेंद्र सिंह बागरी की हत्या की वारदात हो गई। क्योंकि मामला ब्यौहारी क्षेत्र का है और वहां उक्त तिकड़ी का ही वर्चस्व है इसलिए उन्होंने काल्पनिक तौर पर सहकार ग्लोबल कंपनी की कथित तिकड़ीअपने से ईजाद करते हुए कंपनी के तीन लोगों का नाम उछाल दिया और इस प्रयास में जुट गए की सहकार ग्लोबल के उक्त कर्मचारियों की कहानी खत्म हो जाए और रेत माफिया फिर से रेत ठेका कंपनी में पुन स्थापित हो जाए जिससे उनका कारोबार बदस्तूर चलता रहे।

साजिश रचने वालों पर गिर सकती है गाज

बुड़बा क्षेत्र में रेत माफिया के रूप में स्थापित तिकड़ी द्वारा अपने स्तर पर साजिश तो अच्छी रची गई लेकिन उन्हें शायद इस बात का एहसास नहीं रहा की जिला व संभाग मुख्यालय में पदस्थ अधिकारी किसी के बहकावे में आने वाले नहीं बल्कि तथ्यों और सबूत के आधार पर कार्यवाही करने वाले तथा वास्तविक दोषियों को खोज निकाल कर उन्हें दंडित करने वालों में से हैं। चौकन्ने जिला व पुलिस प्रशासन के साथ ही संभाग आयुक्त व एडीजीपी जैसे वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं जिन्हें निष्पक्ष और न्याय संगत कार्यवाही के लिए जाना जाता है। कौन सच्चा कौन झूठा इस बात का पता वह लगा ही लेंगे उसके बाद क्या होगा यह साजिश करने वालों को जरूर जानना चाहिए।

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