S.K. Paswan
ब्रेकिंग न्यूज़
जयसिंहनगर / शहडोल : तालाब की फाइल में किसके हस्ताक्षर? स्वीकृति से भुगतान तक किस-किस अधिकारी ने लगाई... शहडोल: उद्देश्य सिर्फ आयोजन नहीं अपितु संस्कार और सनातन संस्कृति को बढ़ाने का संकल्प , सेवा और समर्प... शहडोल/ जैतपुर : कलेक्टर के संभावित दौरे से स्थानीय स्तर पर हड़कंप, मां सिंहवाहिनी धाम प्रांगण में जल... शहडोल : पीड़ित ने खाकी पर लगाया घूसखोरी और राजीनामे के दबाव का आरोप जनसुनवाई में कलेक्टर से लगी न्य... जयसिंहनगर / शहडोल : टपकती छत और जर्जर बिल्डिंग से त्रस्त विद्यालय का स्टाफ , नौनिहालों की शिक्षा व्य... शहडोल : राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर एक डरी हुई सरकार की राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है- अजय अ... शहडोल : रातों-रात सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुई तस्वीरें व वीडियो ,बाघ की हलचल ले मचाई क्षेत्र में द... शहडोल : राखी की डोर में बंधी खुशियों कि सौगात, धूमधाम से मनाया गया रक्षाबंधन का पर्व ,  बहनों ने बां... शहडोल : मौलाना आजाद स्कूल में आज होगा महा रक्तदान शिविर 786 यूनिट का रहेगा लक्ष्य संयुक्त मुस्लिम सम... शहडोल : माटी से जुड़ी परंपरा, रिश्तों में घुला अपनापन , कजलियां की हरियाली में महका भाई-बहन का स्नेह

शहडोल : भक्तों पर कृपा कर विदा हुई मां आदिशक्ति , लोगों ने उत्साहपूर्वक मनाया विजयदशमी का पर्व

0 623

भक्तों पर कृपा कर विदा हुई मां आदिशक्ति , लोगों ने उत्साहपूर्वक मनाया विजयदशमी का पर्व

शहडोल (संजय गर्ग)। जगत जननी मां आदिशक्ति अपने भक्तों पर 9 दिनों तक भक्तों के बीच रहकर उनका कल्याण किया इसके पश्चात मां विजयदशमी के दिन विदा हो गई। भक्तों ने जितने प्रसन्नता से मां को नौ दिनों तक लाकर सेवा की उतनी ही प्रसन्नता के साथ मां को विदा भी किया। जगत की मां दुर्गा अनेकों रूपों में पूजी जाती हैं जो शारदेय नवरात्र में धरती पर आकर अपने भक्तों का कल्याण करती है। विजयदशमी के दिन भक्तों ने मां को विदाई दी। जिसमें नगर के डेवलपमेंट एरिया में पूरी भव्यता के साथ माता की विदाई का आयोजन किया गया। 

तत्पश्चात असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक विजयदशमी का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया गया नगर के पॉलिटेक्निक ग्राउंड में रावण दहन का कार्यक्रम साथ ही रामलीला का आयोजन किया गया। जिसमें उक्त कार्यक्रम में नगर के रहवासियों की भीड़ देखी गई। बड़ी संख्या में लोग रावण दहन के इस कार्यक्रम को देखने पहुंचे जहां पर लोगो के द्वारा रामलीला का लुफ्त भी उठाया गया।

 हिंदू मान्यताओं के अनुसार कुछ ऐसा है महत्व

हिंदू मान्यताओं के अनुसार विजयदशमी का यह पर्व अहंकार के गहन अंधकार का अंत हुआ दिव्य अलौकिक प्रकाश के उदय का प्रतीक है ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान श्री राम ने रावण का वध कर त्रेता युग में रावण के अत्याचारों से धरती को मुक्त कराया था। एवं इसी दिन मां आदिशक्ति भी 9 दिनों तक धरती पर रहकर प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से श्री राम की सहायता की एवं विजयदशमी के दिन व अपने परमधाम को गंतव्य मान हो गई।

Leave A Reply

Your email address will not be published.