S.K. Paswan
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जयसिंहनगर : सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जयसिंहनगर की बड़ी लापरवाही हुई उजागर

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सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जयसिंहनगर की बड़ी लापरवाही हुई उजागर

जयसिंहनगर । (निशांत संजय गर्ग) ।– नगरीय मुख्यालय अन्तर्गत स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जयसिंहनगर में दिनाँक 01 मार्च, 2025 को प्रधानमंत्री जनजाति अभियान के मोबाइल मेडिकल यूनिट के वाहन संचालन कार्यक्रम में जिनके द्वारा बीएमओ के इशारे पर हरी झंडी दिखाकर कार्यक्रम का समापन किया गया, वह पूर्णतयाः न्याय संगत नहीं था, क्योंकि नगर के अंदर हो रहे इस कार्यक्रम के आमंत्रण की गरिमा को तार-तार करते हुए क्षेत्र की लोकप्रिय विधायक, नगर परिषद के मुखिया व उपाध्यक्ष को ही भूल जाने का जो मामला है, यह कहीं ना कहीं लोगों के जद्दोजहन में एक संदेह का घेरा उत्पन्न करने वाला है।

आखिर कार्यक्रम में क्यों कुछ ही तथाकथित जनप्रतिनिधि आए नजर:-

बीएमओ केएल. दीवान के नेतृत्व में भाजपा मण्डल के जिन तथाकथित जन-प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया, उनमें एकाध को छोड़कर कोई भी मण्डल कार्यकारिणी का अब तक पदाधिकारी नहीं है.(फाईल-फोटो दृश्य) ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या जानबूझकर बीएमओ केएल दीवान द्वारा नगर परिषद् के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या संबंधित पार्षदगणों को नहीं बुलाया गया अथवा इन्हें नगर परिषद के संबंध में कोई जानकारी नहीं है, और यदि जानकारी नहीं है तो इन्हें भाजपा मण्डल के इतने ही पदाधिकारियों को आमंत्रित करना है, यह दिशा-निर्देश कहाँ से मिला? खैर मामला जो भी है, किंतु नगर परिषद के अध्यक्ष को आमंत्रण ना दिया जाना और गिने-चुने लोगों को ही आमंत्रित करना पूरे मामले को संदेहास्पद बनाता है।

01 मार्च, को ही कुछ ही चिन्हित लोगों को छोड़कर, क्यों बिना जानकारी दिखवाया गया हरी झंडी:-

मामला इतना ही नहीं है, कि आखिर नगर के प्रथम नागरिक कहलाने वाले नगर परिषद अध्यक्ष की अवमानना की गई, क्योंकि क्षेत्र में कुछ माह से यही प्रक्रिया चल रही है, कि कुछ चिह्नांकन किये जाने वाले तथाकथित नेताओं की मौजूदगी में ही कार्यक्रम कर दिया जाता है, एवं जिसकी भनक कार्यक्रम होने तक किसी को नहीं होती, शायद जयसिंहनगर क्षेत्र में कुछ ही लोग संबंधित प्रोग्रामकर्ताओं की जानकारी में होते हैं, आज वहीं फिर एक बार साबित हो गया है कि जयसिंहनगर में तानाशाही की यह प्रक्रिया यूँ ही चलती रहेगी, और इस अन्यायपूर्ण रवैये के विरूद्ध आवाज उठाने पर आवाज दबाने का कार्य किया जाता रहेगा, लोकतंत्र की दुहाई देने वाले ही लोकतंत्र का हनन कैसे किया जाता है, यह दिखाते नजर आ रहे हैं.।

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