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शहडोल: किसानों को नहीं मिला डूब क्षेत्र का मुआवजा , भूमिका जलाशय के विस्तृत करण पर रोक लगाने की मांग

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शहडोल (संजय गर्ग) । मामला जनपद पंचायत बुरहार के ग्राम पंचायत खतौरा का है जहां पर भुमकार एवं कोलमी के किसानों ने कमिश्नर एवं कलेक्टर के नाम पर पत्र के माध्यम से मांग करते हुए पत्र में उल्लेख किया है । कि ग्राम पंचायत खरतोरा भूमकर जलाशय के विस्तारीकरण पर रोक लगाया जाए। जिले के जनपद पंचायत बुढार, ग्राम पंचायत खरतोरा ग्रामीण क्षेत्र भूमकर, कोलमी छोर, बिलटुकरी के किसान सीताराम सिंह, स्वामी दीन, पार्वती पाव, राय सिंह गौड़, राम सिंह, रामखेलावन पाव, शरेखन सिंह पाव, रामफल पाव, जागेश्वर प्रसाद पाव, जवाहर पाव, धनेश्वर, खासकलम पाव, ओमकार पाव, कौशल सिंह पाव, बब्बू गोंड़, रामदास पाव, मोहमद शैलाज, अशरफ, मोहम्मद राजून, शिव कुमार, रामदीन सिंह, जियालाल, गणेश तिवारी, लालनराम, भोला एवं अन्य ग्रामीण वासियों ने कमिश्नर एवं कलेक्टर से मांग करते हुए कहां है कि ग्राम भूमकर जलाशय का निर्माण वर्ष 2005-06 में किया गया था, जबकि वर्ष 2007 तक में कराया गया, जिसमें ग्राम भुमकार, कोलमी छोर, बिलटिकुरी के कई किसानों की भूमि डूब क्षेत्र में है और किसानों को किसी प्रकार का मुआवजा नहीं दिया गया। ग्रामीण किसानों ने पत्र में यह भी लिखा है कि इस डूब क्षेत्र में आने वाली जमीन आराजी पट्टा की है जिसका किसी प्रकार कोई मुआवजा भी नहीं दिया गया जिस कारण गरीब किसानों के परिवारो का बहुत ही नुकसान हुआ है। ग्रामीण किसानों ने यह भी उल्लेख किया है के हमारा आय का स्रोत खेती किसानी है मगर बांध की वजह से छती हुई है। क्षेत्र के किसानों ने शासन से मांग की है कि भूमकार जलाशय पर रोक लगाई जाए।

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