शहडोल (संजय गर्ग) । मामला सोहागपुर क्षेत्र अंतर्गत जोधपुर हार सेकेंडरी स्कूल का है जहां पर 4 वर्षों से सनकी बैल की तरह नियम विरुद्ध तरीके से अपना खूंटा जमा कर प्रभारी प्राचार्य के पद पर बैठे हुए राकेश श्रीवास्तव का है। जो कि तथाकथित प्राचार्य के द्वारा पूरे विद्यालय में अराजकता का माहौल बनाकर रखा गया है। इतना ही नहीं बल्कि इनके द्वारा अपने स्वयं के स्टाफ को मानसिक प्रताड़ित करके रखे हुए हैं।
जिसकी शिकायत संबंधित स्टाफ के द्वारा कई दफा आला अधिकारियों से की जा चुकी है लेकिन आलम यह है कि लगातार शिकायत होने के बावजूद भी प्रभारी प्राचार्य के ऊपर किसी भी प्रकार की जांच या फिर कोई कार्यवाही नहीं की जाती है।
जिसके चलते तथाकथित व्यक्ति इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब वह मनमाने तरीके से विद्यालय का संचालन कर रहे हैं।
बार-बार होती जांच , पर नहीं होती कार्यवाही
जोकि हायर सेकेंडरी जोधपुर में प्रभारी प्राचार्य राकेश श्रीवास्तव की कई बार विभाग द्वारा जांच कराई जा चुकी है हर बार जांच होती है किंतु परिणाम शून्य निकलते। आखिर ऐसा क्या कारण है कि बार-बार जांच होने के बावजूद भी इन पर कार्यवाही नहीं हो रही। हर बार नई जांच टीम गठित होती है । अधिकारी जांच के लिए विद्यालय जाते हैं। लेकिन जांच का ना तो प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाता है और ना ही कोई कार्यवाही संबंधित व्यक्ति के ऊपर होती।
जिसमें अब जांच टीम भी संदिग्धता के दायरे में आती नजर आ रही है।
जो कि तथाकथित प्रभारी प्राचार्य जोधपुर हाई सेकेंडरी में पदस्थ है । इनकी मूल पदस्थापना गोडारू हायर सेकेंडरी की है। संबंधित व्यक्ति संलग्नि करण के आधार पर जोधपुर हर सेकेंडरी में है। बता दें कि तथाकथित व्यक्ति का वेतन भी गोडारू हायर सेकेंडरी सही निकल रहा है।
तो फिर सवाल यह उठता है कि यदि वेतन गोडारू से ही निकल रहा है तो फिर संबंधित व्यक्ति जोधपुर हायर सेकेंडरी में क्यों हैं ।
जोकि संलग्न कारण शासन के निर्देशानुसार समाप्त हो चुका है इसके बाद भी यह व्यक्ति उस आधार पर कैसे एक ही जगह पर पदस्थ है। यह एक जांच का विषय है, जो कि अगर जांच निष्पक्षता से हुई तो सारा सच बखूबी सामने आएगा।
इनका कहना
मैंने जांच प्रतिवेदन मंगवाया है । मैं कल इस विषय को दिखवाता हूं ।
आनंद सिन्हा (सहायक आयुक्त) जनजाति कार्य विभाग शहडोल
