शहडोल (संजय गर्ग) । मामला जिले के स्वास्थ्य विभाग का जहां पर पूर्व बीएमओ राजेश मिश्रा के सेवा पुस्तिका से स्थानांतरण आदेश सहित कई सारे दस्तावेज पुस्तिका से गायब है।
मामला कुछ इस प्रकार
दरअसल शिकायतकर्ता के द्वारा 11 अप्रैल 2022 को कार्यालय में उपस्थित होकर सूचना के अधिकार के तहत बिन्दु क्र. 1 से 7 तक की जानकारी मांगी गई थी। जिसके पश्चात 9 मई 2022 को शिकायतकर्ता को पत्र के माध्यम से बिंदु क्रमांक 1 और 2 की जानकारी प्राप्त हुई।
जिसमें बिन्दु क्र. 1 के संबंध में अवगत कराया गया कि डॉ० राजेश मिश्रा का स्थानांतरण आदेश कार्यालय के सेवा पुस्तिका में नही है। तथा अन्य बिंदुओं अर्थात, 02, 03, 05 की जानकारी एवं संबंधित दस्तावेज मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला शहडोल के द्वारा शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराया गया।
किन्तु डॉ० राजेश मिश्रा की सेवा पुस्तिका से संबंधित दस्तावेज संधारित नही किए गए । जिसके चलते शिकायतकर्ता को दस्तावेज उपलब्ध नहीं हुए।
आखिर क्या है दस्तावेज के रहस्य
यह कि बिन्दु क्र. 7 की जानकारी के संबंध में सेवा पुस्तिका के पृष्ठ में आदेश दर्ज नहीं इन्द्राज किया गया है जो घोर अनियमितता को दर्शाता है।
यह कि डॉ० राजेश मिश्रा के सेवा पुस्तिका के संबंधित दस्तावेज या तो स्वयं ये निकाल लिये हैं और इस कार्य को अंजाम देने के लिए तत्कालीन बी.डी. मुंडा, पद- सहायक सांख्यिकी अधिकारी वर्तमान में जिला अनूपपुर में कार्यरत है। ये दोनों अधिकारी / कर्मचारी के शह पर ये दस्तावेज अभिरक्षा से चोरी हो गये है या चुरा लिये हैं। ऐसा आरोप शिकायतकर्ता द्वारा पूर्व बीएमओ एवं अभीरक्षक के ऊपर लगाया गया ।
यदि ऐसा हुआ है तो संबंधित जनों के ऊपर जांच कराकर
अपराध भा० द०वि० संहिता की धारा 378, 379 एवं 381 का उल्लंघन करने पर अपराध दर्ज किया जाना न्यायोचित होगा।
स्वास्थ विभाग सवालों के घेरे में
यह कि दिनांक 03दिसंबर 2022 तक कार्यालय से इस संबंध में न इन दस्तावेज की खोज खबर की गई और ना ही संबंधित जनों के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज की गई । जिससे संबंधित जन संदिग्धता के दायरे में आते हैं।
यदि इसकी जांच उच्च स्तरीय छानबीन समिति बनाकर जांच कराई जाये। जिसके अभिरक्षा में दस्तावेज संधारित रहती है । अगर ऐसा हुआ तो दूध का दूध पानी का पानी हो सकता है।
इनका कहना
1. मैं अभी बाहर था। आपके माध्यम से मेरे संज्ञान में आया है मैं कल देख कर आपको बताता हूं।
जीएस परिहार ( सिविल सर्जन ) जिला चिकित्सालय शहडोल
2. यह तो जांच का विषय है इसमें जांच होनी चाहिए । जो कि मैं 2014 से सिविल सर्जन के अंडर में था मुझे भी ऐसा शक है कि मेरे कई सारे दस्तावेज गायब कर दिए गए हैं । जिसमें सिविल सर्जन का बहुत बड़ा हाथ है।
पूर्व बीएमओ राजेश मिश्रा
