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जयसिंहनगर : क्या??? जिम्मेदारों तक नहीं पहुंच रहा मोहनी हाई स्कूल का मामला ,प्राचार्य की विवादित छवि अंधकार में डूबा छात्रों का भविष्य

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क्या??? जिम्मेदारों तक नहीं पहुंच रहा मोहनी हाई स्कूल का मामला ,

प्राचार्य की विवादित छवि अंधकार में डूबा छात्रों का भविष्य


जयसिंहनगर (संजय गर्ग) ।  कहते हैं गुरु का दर्जा भगवान से भी ऊपर होता है गुरु हमेशा अपने शिष्यों को नेकी की राह दिखाता है एवं अपने गुरु ज्ञान से छात्रों के अंदर स्थित ज्ञान के चक्षुओं को अपने ज्ञान के प्रकाश से विद्यमान करने का प्रयास करता है जिससे की हमारा देश व समाज आगे बढ़ सके लेकिन आज के परावेंश में कई शिक्षक ऐसे हैं जो छात्रों को शिक्षित करने की बजाय अपने कर्तव्यों से विमुख होकर छात्रों के जीवन को अंधकार के कोप भवन में धकेल रहे हैं।
ऐसा ही एक मामला जिले के जयसिंहनगर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहनी से सामने आया है जहां पर मांझीटोला स्थित शासकीय हाई स्कूल मोहनी में पदस्थ प्राचार्य के द्वारा पूरे विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों में बट्टा लगाए हुए।
जिसकी शिकायत लगातार प्रशासनिक स्तर पर की जा रही किंतु अब – तक किसी भी जिम्मेदारो के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई।
जिसका कारण समझ के परें हैं।

यह है मामला
दरअसल ग्राम पंचायत मोहनी में हाई स्कूल संचालित है जिसका परिणाम अत्यंत ही निराशाजनक रहा है। कि कक्षा 10वी में कुल 59 छात्र थे जिसमें 5 विद्यार्थी पास हुए जबकि सभी विषयों के अलग अलग अतिथि शिक्षक उक्त विद्यालय में नियुक्त थे इस वजह से विद्यार्थीयों के अभिभावकों को अत्यंत ही रोष है।
इस संबंध में जब संस्था प्राचार्य राजेन्द्र सिंह कंवर द्वारा सवाल जवाब किया गया तो वो अभिभावकों से बहस करने लगे और आरोप लगाने लगे कि सभी छात्र गधे है इस वजह से पास नही हुए है गधहों को कितना भी पढाया जाए वो घोडा नही बन सकते । दरअसल छात्रों को गधों की संज्ञा देने वाला यह प्राचार्य पूरी तरीके से विद्यालय स्टाफ एवं ग्रामीणों के ऊपर हावी है , शायद तथाकथित प्राचार्य ये नहीं जानते कि छात्र विद्यालय में ज्ञानार्जन के लिए आते हैं यदि विद्यार्थी‌ ज्ञानार्जन ठीक से नहीं कर रहा है तो उसमें कहीं न कहीं छात्रों के साथ-साथ शिक्षक का भी उतना ही दायित्व बनता है। किंतु राजेंद्र सिंह कंवर जैसे जड़ बुद्धि का व्यक्ति इस तर्क को नहीं समझ सकता।

अतिथि शिक्षकों के मत्थे विद्यालय का कार्यभार

प्रभारी प्राचार्य द्वारा शासन के नियम को दरकिनार करते हुए आज भी अतिथि शिक्षकों से कार्य कराया जाता है एवं राजेन्द्र सिंह कंवर की छवि काफी विवादित रही है बात बात पर छात्रों एवं अभिभावकों से अभद्रता की जा चुकी है जिसमें ग्राम सभा में उक्त संबंध में राजेन्द्र सिंह कंवर को बुलाकर स्पष्टीकरण मांगा गया तो राजेन्द्र सिंह द्वारा स्पष्ट बोला गया कि मेरा काम करने का यही तरीका है जिसे जो करना है वो कर सकता है ।किसी को ज्यादा दिक्कत हो तो मेरा ट्रांसफर अन्यत्र करवा दिया जाये इस संबंध में ग्राम सभा द्वारा प्रस्ताव भी पारित हो चुका है।

करते घर का काम उठाते शासकीय दाम

ग्राम पंचायत एवं ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि प्रभारी प्राचार्य राजेन्द्र सिंह का घर जयसिंहनगर मे बना हुआ है जिस वजह से वो अपने हिसाब से स्कूल आते जाते रहते है जयसिंहनगर के बगल में स्कूल मोहनी है जिससे वे अपने गृह कार्य में ही व्यस्त रहते है। किंतु सवाली होता है कि विद्यालय समय में घर का काम करता यह प्राचार्य केवल वेतन लेने के लिए ही विद्यालय आता है।
घर का काम करते हुए मोती शासकीय रकम वेतन के तौर पर ऐसे व्यक्तियों को दी जाती है जो अपने कार्य प्रणाली के चलते चर्चा का विषय बना हुआ है।

क्या होगा प्राचार्य का स्थानांतरण
सारा काम अतिथि शिक्षक से करवाते रहते है इसी वजह से वर्ष 2023-24 का रिजल्ट इतना खराब है। शिक्षा के स्तर में सुधार हेतु राजेन्द्र सिंह को ग्राम पंचायत मोहनी में संचालित स्कूल मांझीटोला से अन्यत्र स्थानांतरण कर किसी शिक्षित और सुलभ प्राचार्य को नियुक्त्त किया जाने की मांग ग्राम पंचायत एवं गांव के अभिभावकों के द्वारा किए जा रही है अब देखना यह होगा कि क्या प्राचार्य का स्थानांतरण होता है। या नहीं।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया

मेरे संज्ञान में मामला आया है बीईओ की रिपोर्ट के अनुसार कार्यवाही की जाएगी

आनंद राय सिन्हा
( सहायकआयुक्त) जनजाति कार्य विभाग शहडोल

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