शहडोल/ जयसिंहनगर: निर्माण कार्य को रुकवा कर जांच के दिए सीईओ ने निर्देश ,सिद्दीकी के सिद्धांतो ने सरकारी कायदों पर लगाया लगाम ,मनमर्जी से करेगे तालाब निर्माण
निर्माण कार्य को रुकवा कर जांच के दिए सीईओ ने निर्देश ,
सिद्दीकी के सिद्धांतो ने सरकारी कायदों पर लगाया लगाम ,मनमर्जी से करेगे तालाब निर्माण

शहडोल / जयसिंहनगर (संजय गर्ग)। शासन के द्वारा विकास कार्यों में लगने वाली सरकारी धनराशि का पिटारा समय-समय पर जनपदों में दिया जाता है जिससे कि जमीनी स्तर तक शासन की विभिन्न योजनाओं एवं विकास कार्यों से आम जन लाभान्वित हो सके लेकिन ठीक शासन की इस मनसा पर पानी फेरने का काम लगातार जनपद से लेकर ग्राम पंचायत तक के जिम्मेदारों द्वारा किया जा रहा है।
ऐसा ही एक मामला जयसिंहनगर जनपद के अंतर्गत सामने आया जहां पर शासन से स्थगन प्राप्त भूमि पर तालाब निर्माण का कार्य किया जा रहा है लगभग 25 लाख की लागत से बना रहे तालाब निर्माण कार्य में 5 से 7 लाख का कार्य हो चुका है इतना ही नहीं हो रहे निर्माण कार्य से किसानों की उपजाऊ कृषि जमीन पर भी गहरा संकट आन पड़ा। उसके बावजूद भी लगातार निर्माण कार्य जारी है।
ऐसा है पूरा मामला
मामला ग्राम पंचायत जोरा में खनिज मद से लगभग 25 लाख रुपए की लागत राशि से नवीन तालाब निर्माण कार्य का , जहां पर उपयंत्रि सरपंच सचिव एवं तथाकथित दबंग ठेकेदार विनय तिवारी द्वारा निर्माण कार्य के सारे नियमों प्रावधानों को दरकिनार करते हुए मनमर्जी से बिना पटल भराई के ही लंबी चौड़ी तालाब की दीवार रातों रात खड़ी कर दी ,ग्रामीणों को जैसे ही उक्त निर्माण कार्य की भनक लगी,सभी ने निर्माण कार्य से होने वाले फायदे नुकसान का आंकलन करना शुरू कर दिया।
इन्हें हो सकता है निर्माण कार्य से नुकसान
,हलाकि निर्माणाधीन स्थल का सटीकता से आकलन किया जाता तो उक्त निर्माण कार्य से किसानों के साथ साथ मध्य प्रदेश राज्य सड़क निर्माण कॉरपोरेशन को भी आने वाले दिनों में काफी छती होने की प्रबल संभावना है,नवीन तालाब निर्माण स्थल के आस पास के किसानों से बात करने पर बताया गया की अगर उक्त नवीन तालाब का निर्माण हो जाता है तो आस पास के तमाम कृषक प्रभावित होगे एवम तालाब में भंडारित होने वाले जल से उनका कृषि योग्य भूमि डूब जायेगा जिससे कृष कार्य करना अवरुद्ध हो जायेगा ,एवम साथ ही तालाब में जल भंडारित होने से रीवा शहडोल मुख्य मार्ग पर सड़क किनारे बने विंग टूटने का खतरा भी बढ़ जायेगा जिससे सड़क छतिग्रस्त होने की आसंका है जो भविष्य में बड़े दुर्घटना को जन्म दे सकता है।
स्थगन आदेश के बावजूद चल रहा कार्य
हलाकि उक्त निर्माण कार्य से प्रभावित होने वाले कृषकों में से रामलला तिवारी ने न्यायालय का शरण लेते हुए उक्त निर्माण कार्य पर स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया है,आवेदक कृष्ण द्वारा बताया गया कि निर्माणाधीन स्थल के खसरा क्रमांक 607/2/3 के 0.405 क्षेत्रफल को ग्राम पंचायत सचिव सरपंच एवं उपयंत्री ने रसूख का धौष दिखा कर उपरोक्त क्षेत्रफल के मूल स्वरूप को परिवर्तित कर हड़प करने के जुगत में थे हलाकि हमने न्यायालय तहसीलदार जयसिंहनगर में आवेदन पत्र प्रस्तुत किया था जहां से न्यायालय ने कृषकों के पक्ष को गंभीरता से लेते हुए निर्माण कार्य पर स्थगन आदेश जारी कर दिया है,
यह भी विचारणीय
बड़ा सवाल ऐसे निर्माण कार्यों पर तकनीकी भू अभिलेख संबंधित समस्यायों पर पूर्व में ही क्यों विचार नही किया गया था,अब जब उक्त निर्माण कार्य पर शासन का लगभग 5 से 6 लाख रुपए व्यर्थ में व्यय हो गया तो कैसे होगी उसकी भरपाई क्या संबंधित उपयंत्री एवम सरपंच सचिव पर होगी कोई वैधानिक कार्यवाही या फिर स्थगन आदेश के साथ ही दफन हो जायेगे स्वीकृति राशि,।
जब उक्त मामले पर हमने उपयंत्री रायसुद्दीन सिद्दीकी से जानकारी लेनी चाही तो उनका फोन लगातार बंद आ रहा था
इनकी प्रतिक्रिया
हां यह मामला मेरे संज्ञान में आया है।
मैंने ग्राम पंचायत के सचिव को काम रोकने के लिए कहा है। और कल मैं उपयंत्री को वहां भेज कर पूरे मामले की जांच करवाती हूं।
शिवानी जैन ( मुख्य कार्यपालन अधिकारी) जनपद जयसिंहनगर जिला शहडोल
